India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। केंद्रीय कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक मैसेज दिया कि अमेरिका और भारत के बीच एक न्यायसंगत और संतुलित समझौते पर एक अच्छा ऐलान हो सकता है।

मंत्री पीयूष गोयल का ये संकेत बहुत अहम माना जा रहा है क्योंकी ये ऐसे समय पर आया जब भारतीय बाजार पर दबाव था। इस बयान के बाद इन्वेस्टरों के बीच में एक अच्छा मैसेज गया जिसके बाद से मार्केट में हरियाली लौट आई है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस डील से भारत एक्सपोर्ट सेक्टर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है।
भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील को लेकर सरकार की तरफ से एक खास संकेत मिला है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देश एक ऐसी डील की ओर बढ़ रहे हैं जो न्यायसंगत, संतुलित और दोनों के लिए लाभकारी होगी।
एक्सपोर्ट सेक्टर्स को मिल सकता है बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत-अमेरिका ट्रेड डील बनती है, तो कई सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। इनमें शामिल हैं, टेक्सटाइल सेक्टर, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मा इंडस्ट्री, केमिकल और डाई सेक्टर, MSME और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अगर डील में टैरिफ में राहत, बाजार पहुंच बढ़ाने और व्यापार नियम आसान करने जैसे प्रस्ताव शामिल होते हैं, तो भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में और बेहतर जगह मिल सकती है।
बातचीत में हुई है अच्छी प्रगति
पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों की टीमें कई बड़े मुद्दों पर सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही हैं। सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चर्चा में निम्न बिंदुओं पर सहमति बन सकती है, कुछ उत्पादों पर टैरिफ में कमी, नए क्षेत्रों में मार्केट एक्सेस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति, पारस्परिक व्यापार नियमों को सरल और पारदर्शी बनाना अगर ये पॉइंट शामिल होते हैं, तो भारत-अमेरिका के बीच व्यापार नए स्तर पर पहुंच सकता है।
निवेशकों में बढ़ी उम्मीद
ट्रेड डील होने से सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि भारतीय कंपनियों की अमेरिकी बाजार में पकड़ और मजबूत होगी। मार्केट विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय कंपनियों की कॉम्प्टीशन क्षमता बढ़ेगी, निर्यात कारोबार को नई स्पीड मिलेगी और निवेशकों के लिए भी यह बड़ा अच्छा संकेत होगा।
भारत-अमेरिका रिश्तों में आएगी नई मजबूती
आर्थिक जानकारों का कहना है कि इस डील से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध और मजबूत होंगे। भारत के लिए यह मौका है कि वह अपने मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और टेक्नोलॉजी सेक्टर को अमेरिका जैसे बड़े बाजार में और तेजी से आगे बढ़ा सके।


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