India-US BTA: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंध एक बार फिर पटरी पर लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं। हाल के हालातों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुंच सकते हैं। लेकिन इस रास्ते में जो कांटा बना हुआ है वो है एग्रीकल्चर सेक्टर है, जिसे अमेरिका भारतीय मार्केट में अपनी पूरी एंट्री की डिमांड कर रहा है।

भारत सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है कि किसानों के खिलाफ जाकर किसी भी तरह का काम नहीं किया जाएगा।
हाई-एंड डेयरी उत्पादों पर चर्चा
मनी9 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस समय बातचीत का फोकस हाई-एंड डेयरी उत्पादों, जैसे चीज और दही, पर है। यानी अमेरिका चाहता है कि इन उत्पादों को भारतीय बाजार में जगह मिले। हालांकि दूध और दूध से जुड़े बाकी उत्पादों पर भारत का रुख अभी सख्त है। इसके अलावा, भारत के जीएम (Genetically Modified) नियम अमेरिकी मक्का और एथेनॉल के आयात में भी अड़चन पैदा कर रहे हैं।
भारत पहले से कर रहा चीज आयात
यहां गौर करने वाली बात यह है कि भारत पहले से कुछ मात्रा में चीज का आयात करता है। भारत में मोज़रेला, पाउडर और ग्रेटेड चीज की मांग रहती है। इन पर 30 से 40 फीसदी तक का आयात शुल्क लगाया जाता है। वर्तमान में भारत इटली, यूके, यूक्रेन और एस्टोनिया जैसे देशों से चीज मंगाता है। अब सवाल यह है कि अमेरिका इस बाजार में कितनी हिस्सेदारी ले पाता है।
नए अमेरिकी राजदूत से नई उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 38 वर्षीय सर्जियो गोर को भारत के लिए नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया है। वे ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं और पहले व्हाइट हाउस में डायरेक्टर ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल के पद पर काम कर चुके हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है, जिससे रिश्तों में खटास आई थी। जनवरी से खाली पड़े इस पद पर नियुक्ति होने से व्यापार वार्ता को नया मोड़ मिल सकता है।
पांच दौर की बातचीत पूरी, छठे का इंतजार
भारत और अमेरिका मार्च 2025 से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। हालांकि, 27 अगस्त से अमेरिका द्वारा 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद 25 अगस्त से तय अगला दौर स्थगित कर दिया गया। फिलहाल छठे दौर की बातचीत के लिए नई तारीख घोषित नहीं की गई है।
भारत और अमेरिका के बीच BTA को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। अमेरिका ने डेयरी सेक्टर में नरमी का संकेत दिया है, जिससे बातचीत की राह आसान हो सकती है। हालांकि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों और उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रहें। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देश इस समझौते को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।


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