देशभर में युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है। इसके तहत 1,000 सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (ITI) को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना में करीब 60,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कदम देश में स्किल डेवलपमेंट की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

युवाओं को मिलेगी रोजगार की ताकत
सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि इंडस्ट्री के हिसाब से जरूरी स्किल्स भी सिखाना है। आने वाले 5 वर्षों में इस योजना से 2 करोड़ से ज्यादा युवाओं को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें ना सिर्फ नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी मदद मिलेगी।
कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में भाग लेने के लिए कई बड़ी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने सरकार से संपर्क किया है। अब तक 12 से ज्यादा कंपनियों ने इस योजना में शामिल होने की इच्छा जताई है। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी ग्रुप, महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेके सीमेंट, जिंदल ग्रुप, टोयोटा इंडिया, श्नाइडर इलेक्ट्रिक और आर्सेलर मित्तल-निप्पॉन स्टील जैसी कंपनियां शामिल हैं।
किन राज्यों में किस सेक्टर पर होगा फोकस?
हर कंपनी ने अपने अनुसार सेक्टर और राज्य चुने हैं जहां वे ट्रेनिंग हब बनाना चाहती हैं। रिलायंस ग्रुप महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, रिटेल और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग देगा।
जेके सीमेंट राजस्थान, यूपी और एमपी में कंस्ट्रक्शन, हॉस्पिटैलिटी और एनर्जी सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। टोयोटा और महिंद्रा ऑटोमोबाइल सेक्टर में हाई तकनीकों पर आधारित ट्रेनिंग देने की योजना बना रहे हैं।
हब और स्पोक मॉडल क्या है?
इस योजना को एक खास 'हब एंड स्पोक मॉडल' के तहत लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि कुछ बड़े ITI को ट्रेनिंग हब के रूप में तैयार किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक मशीनें और कोर्सेस होंगे। वहीं छोटे ITI को इन हब से जोड़ा जाएगा जिन्हें स्पोक कहा जाएगा। इससे पूरे नेटवर्क में एक जैसी ट्रेनिंग और क्वालिटी तय की जा सकेगी।
और भी कंपनियां जुड़ने को तैयार
सरकार की कुछ और बड़ी कंपनियों से भी बातचीत चल रही है, जैसे: लार्सन एंड टूब्रो (L&T), बजाज ऑटो, आदित्य बिड़ला ग्रुप, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ये कंपनियां भी जल्द ही अपने प्रस्ताव सरकार के सामने रख सकती हैं।
स्किल इंडिया मिशन को मिलेगा बढ़ावा
यह योजना स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मंत्रालय के तहत चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाना है ताकि वे सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकें।
इस बड़े कदम से न सिर्फ देश के ITI संस्थान तकनीकी रूप से मजबूत होंगे बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार और आत्मनिर्भरता के रास्ते भी खुलेंगे। आने वाले समय में यह पहल भारत को 'स्किल्ड इंडिया' बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।


Click it and Unblock the Notifications