Retail Inflation: जुलाई 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर घटकर सिर्फ 1.55% रह गई, जो पिछले आठ सालों का सबसे निचला स्तर है। यह छह साल में पहली बार है जब महंगाई दर, रिज़र्व बैंक के तय 2% से 6% के दायरे से भी नीचे गई है।

पिछले साल और महीने से कम
जून 2025 में खुदरा महंगाई 2.1% थी, जबकि जुलाई 2024 में यह 3.6% थी। इस बार की गिरावट से साफ है कि कीमतों पर दबाव काफी कम हुआ है।
अच्छी पैदावार ने संभाला बाजार
मानसून में उतार-चढ़ाव के बावजूद अच्छी फसल ने अनाज, दाल, सब्जियों और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों को नीचे रखने में मदद की है। इससे महंगाई में लगातार कमी देखने को मिल रही है।
खाद्य महंगाई में बड़ी गिरावट
जुलाई में खाद्य महंगाई दर -1.76% रही, यानी पिछले साल की तुलना में कीमतों में गिरावट आई। जून में यह -1.06% थी। लगातार तीन महीने से खाद्य महंगाई नकारात्मक रहने से आम लोगों के बजट को राहत मिली है।
किन चीजों की कीमतें घटीं?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दालें, सब्जियां, अनाज, अंडे, चीनी, मिठाई, परिवहन और संचार जैसी चीजों के दाम घटे हैं। शिक्षा सेवाओं में भी खर्च कम हुआ है।
2017 के बाद सबसे कम दर
यह गिरावट जून 2017 के बाद सबसे बड़ी है, जब महंगाई 1.46% दर्ज की गई थी। इस बार भी इसका बड़ा कारण अनुकूल आधार प्रभाव और जरूरी चीजों की कीमतों में नरमी है।


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