भारत में महंगाई के मोर्चे पर 12 मई को एक बड़ी राहत भरी खबर आई। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अप्रैल 2025 के लिए खुदरा महंगाई (CPI) के आंकड़े जारी किए, जो घटकर 3.16% पर आ गए हैं। मार्च 2025 के मुकाबले इसमें 18 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई है, जो जुलाई 2019 के बाद का सबसे निचला स्तर है। महंगाई के इस आंकड़े ने अब रसोई के बजट से लेकर पेट्रोल की कीमतों और होम लोन की EMI तक, हर तरफ चर्चा छेड़ दी है।
अप्रैल में महंगाई दर 6 साल के निचले स्तर पर, आम आदमी को बड़ी राहत
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सालाना आधार पर खुदरा महंगाई दर गिरकर 3.16% रह गई है। मार्च 2025 में यह 3.34% थी, जबकि पिछले साल अप्रैल 2024 में यह 4.83% के ऊंचे स्तर पर थी। 2019 के बाद महंगाई का यह सबसे कम स्तर है, जो बताता है कि कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार अब काफी धीमी हो गई है। आम परिवारों के लिए इसका सीधा मतलब है कि उनके रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में होने वाला इजाफा अब काबू में है।

खाने-पीने की चीजों के दाम गिरे, थाली हुई सस्ती
अप्रैल 2025 में खाद्य महंगाई दर (Food Inflation) घटकर 1.78% पर आ गई। मार्च 2025 के मुकाबले इसमें 91 बेसिस पॉइंट की भारी गिरावट देखी गई, जो अक्टूबर 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है। सब्जियों की कीमतों में सालाना आधार पर 10.98% की बड़ी कमी आई है, वहीं दालों और उससे जुड़े उत्पादों के दाम भी गिरे हैं। कुल मिलाकर, रसोई में सस्ती हुई सब्जियों ने ही महंगाई के इस आंकड़े को नीचे लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
सब कुछ सस्ता नहीं हुआ: फल और तेल ने अब भी बिगाड़ा बजट
हालांकि, कुछ चीजों ने जेब पर बोझ बढ़ाना जारी रखा है। अप्रैल 2025 में फलों की महंगाई दर 13.8% रही, जबकि खाने वाले तेल और फैट्स की कीमतों में 17.4% का बड़ा उछाल देखा गया। पढ़ाई-लिखाई भी महंगी हुई है, शिक्षा से जुड़ी महंगाई दर मार्च के 3.98% से बढ़कर अप्रैल में 4.13% हो गई। यानी जहां एक तरफ सब्जी का झोला सस्ता हुआ है, वहीं स्कूल की फीस और कुकिंग ऑयल अब भी आम आदमी की जेब ढीली कर रहे हैं।
| कैटेगरी | अप्रैल 2025 महंगाई (%) | मार्च 2025 महंगाई (%) |
|---|---|---|
| हेडलाइन CPI | 3.16 | 3.34 |
| खाद्य (CFPI) | 1.78 | 2.69 |
| सब्जियां | -10.98 | पॉजिटिव |
| तेल और फैट्स | +17.4 | ज्यादा |
| फल | +13.8 | ज्यादा |
| हाउसिंग | 3.00 | 3.03 |
| शिक्षा | 4.13 | 3.98 |
| ईंधन और बिजली | 2.92 | ज्यादा |
क्या अब घटेगी आपके होम लोन की EMI? RBI के फैसले पर नजर
महंगाई दर के 3.16% पर आने और वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने से अब रिजर्व बैंक (RBI) के लिए ब्याज दरें घटाने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारों का मानना है कि जून की पॉलिसी मीटिंग में RBI रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) की कटौती कर सकता है। महंगाई के 4% से नीचे रहने के अनुमान को देखते हुए उम्मीद है कि RBI वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने महंगाई लक्ष्य को घटाकर 3.80% कर देगा।
जून 2025 में रेट कट का धमाका: कर्जदारों को मिला बड़ा फायदा
RBI ने जून की पॉलिसी में रेपो रेट में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट) की बड़ी कटौती कर इसे 5.50% कर दिया। बैंक ने अपनी पॉलिसी में साफ किया कि मार्च और अप्रैल में महंगाई में आई लगातार गिरावट और खाद्य महंगाई के कम होने से यह फैसला लेना आसान हुआ। अप्रैल के आंकड़ों ने ही ब्याज दरों में इस बड़ी राहत के दरवाजे खोले, जिससे कर्ज लेना अब सस्ता हो गया है।
अगर किसी ने 20 साल के लिए 8.50% की दर पर 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तो 0.25% की कटौती से उसकी EMI हर महीने करीब 750 से 1,000 रुपये तक कम हो सकती है। RBI के ऐलान के तुरंत बाद बैंक ऑफ बड़ौदा और PNB जैसे सरकारी बैंकों ने अपनी दरों में पूरे 50 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी। हालांकि, प्राइवेट बैंकों को अपनी दरों में बदलाव करने में कुछ हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है।
तेल की कीमतें और मानसून: आगे क्या होगा असर?
भारत के लिए कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमतें हमेशा से अहम रही हैं। अगर दुनिया में तनाव बढ़ता है और तेल महंगा होता है, तो देश में ट्रांसपोर्टेशन और ईंधन के दाम सीधे तौर पर बढ़ सकते हैं। हालांकि, गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार और अच्छे मानसून की उम्मीद से आने वाले दिनों में खरीफ फसलों की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद है। इससे खाने-पीने की चीजों की सप्लाई बनी रहेगी और कीमतें काबू में रहेंगी।
अप्रैल में महंगाई दर का 3.2% पर आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। खाने-पीने की चीजों के दाम गिरने से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। इससे न केवल रसोई का बजट सुधरा है, बल्कि होम लोन लेने वालों के लिए भी एक बेहतर माहौल बना है। अब रिजर्व बैंक के पास महंगाई के डर के बिना देश की आर्थिक रफ्तार को बढ़ाने के लिए पर्याप्त गुंजाइश है।
More From GoodReturns

Petrol Diesel Rate: शनिवार को पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में कितना है रेट

IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च! अब पांच सेकंड में बुक होगा टिकट...रेलवे ने किए 8 ऐसे अपडेट, जानकर रह जाएंगे हैरान

Gold Price Today: 13 जुलाई को सोने में आई गिरावट, मजबूत डॉलर से गोल्ड-सिल्वर पर दबाव, जानिए ताजा भाव

Gold Price Crash: तेल की कीमतों में उछाल के बीच सोना फिसला, 1% से ज्यादा की गिरावट, जानें क्या है वजह

Bank Holiday This Week: इस हफ्ते 4 दिन बैंक रहेंगे बंद! जल्दी चेक कर लें अपने शहर का हॉलिडे लिस्ट

EPFO Amnesty Scheme: छूट प्राप्त PF ट्रस्ट के लिए 6 महीने की राहत, जानें किसे मिलेगा फायदा

Petrol diesel Rate: US-Iran तनाव से फिर तेल हुआ महंगा! जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव

E20 Petrol vs XP100: क्या XP100 और Power 100 सच में Ethanol-Free हैं?

आज का Financial Raashifal: 11 जुलाई, 2026 - बाज़ारों के चलने से पहले प्रमुख अवसरों को पहचानें

शेयर बाज़ार में गिरावट के बीच IT की रफ्तार तेज, TCS 6% से ज्यादा चढ़ा! क्या अब आएगी बड़ी तेजी?

Stock Market: शेयर बाजार में आज क्यों आई गिरावट? अमेरिका-ईरान तनाव के अलावा क्या है गिरावट की सबसे बड़ी वजहें



Click it and Unblock the Notifications