नई दिल्ली, सितंबर 3। भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि ऐसा दूसरी बार हुआ है। महामारी के पहले भी भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ चुका था। लेकिन महामारी के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान के चलते ब्रिटेन आगे निकल गया था। अब भारत से बड़ी केवल अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी की अर्थव्यवस्था हैं। ब्रिटेन अब छठवें नंबर पर खिसक गया, जिसे ब्रिटिश सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं हाल ही में जारी जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी 13.5 फीसदी की दर से आगे बढ़ी है।
भारत पर कभी शासन करता था ब्रिटेन
भारत पर ब्रिटेन ने शासन किया था। लेकिन जितने समय तक ब्रिटेन भारत को अपने अंतर्गत रख सका, उससे भी कम समय में भारत ने ब्रिटेन को अर्थव्यवस्था के मामले में पीछे छोड़ दिया है। भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्तीय वर्ष के दौरान करीब 7 फीसदी की दर से आगे बढ़ने का अनुमान जताया गया है। इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स (एमएससीआई) में भारत का वजन तिमाही में दूसरे नंबर पर रहा है। वह इस मामले में सिर्फ चीन से पीछे था। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के आंकड़ों के अनुसार, यह कैलकुलेशन अमेरिकी डॉलर को आधार मान कर किया गया है।
जानिए भारत की अर्थव्यवस्था का आकार
डॉलर एक्सचेंज रेट के हिसाब से नॉमिनल कैश टर्म्स में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार मार्च तिमाही में 854.7 बिलियन डॉलर रहा। इसी आधार पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का साइज 816 अरब डॉलर था। आईएमएफ डेटाबेस और ब्लूमबर्ग टर्मिनल के हिस्टोरिकल एक्सचेंज रेट का इस्तेमाल करते हुए यह कैलकुलेशन किया गया।
इन आंकड़ों पर भी नजर डालें
कैश के मामले में दूसरी तिमाही में ब्रिटेन की जीडीपी केवल 1 फीसदी बढ़ी है। इसमें महंगाई को एडजस्ट कर दिया जाए तो जीडीपी 0.1 फीसदी गिरी है। रुपये के मुकाबले पाउंड सटर्लिंग का प्रदर्शन डॉलर की तुलना में कमजोर रहा है। इस साल भारतीय करेंसी की तुलना में पाउंड 8 फीसदी ज्यादा कमजोर हुआ है। इसके बाद भारत अब सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी से पीछे रह गया है। एक दशक पहले बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत 11वें पायदान पर था। वहीं, ब्रिटेन 5वें पायदान पर था।


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