नयी दिल्ली। कोरोना संकट में आर्थिक मोर्चे पर कई देशों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं, जिसके कारण दिक्कतें भी अभी बाकी हैं। भारत भी कोरोना संकट के आर्थिक प्रभाव से अछूता नहीं रहा। देश की जीडीपी में भारी गिरावट आई है। मगर भारत इस दौरान एक रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रहा। कोरोना संकट के बावजूद भारत ने 22 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल किया। इस बात की जानकारी नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने दी है।
भारत का एफडीआई सिस्टम सबसे उदार
अमिताभ कांत के अनुसार भारत का एफडीआई सिस्टम दुनिया में सबसे अधिक उदार है, जिसके चलते कोरोना महामारी के दौरान भी भारत को 22 अरब डॉलर का एफडीआई हासिल हुआ। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमिताभ ने बताया कि भारत में आए 22 अरब डॉलर के एफडीआई का लगभग 90 प्रतिशत से अधिक स्वचालित मार्ग (Automatic Route) से आया है। सीआईआई के 'India@75' वर्चुअल इवेंट में अमिताभ कांत ने कहा कि हमारी एफडीआई व्यवस्था दुनिया में सबसे अधिक उदार है। हमने भारी मात्रा में निवेश आकर्षित करना जारी रखा। महामारी के दौरान भारत ने 22 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष निवेश को आकर्षित किया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
कांत ने बताया कि भारत ने विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग लगभग 79 स्थानों की छलांग लगाई है। उन्होंने कहा हमारी उम्मीद है कि इस साल हम शीर्ष 50 में पहुंच जाएंगे। नीती आयोग के सीईओ के अनुसार अगर भारत को बदलना है तो उसे आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम जैसे प्रोग्राम की आवश्यकता है। जनवरी 2018 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन 112 जिलों को बदलना है जिन्होंने प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम प्रगति दिखाई है और अविकसित पॉकेट्स के रूप में सामने आए हैं।
एफडीआई नीति में बदलाव
भारत सरकार ने एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) नियमों में बदलाव कर दिया है, जिससे निवेशकों को ट्रैक करने में आसानी होगी। साथ ही चीनी निवेशकों से फंडिंग वाले स्टार्ट-अप सहित ऐसी कंपनियों में नए निवेश की विस्तार से जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनसे सुरक्षा संबंधित कोई खतरा नहीं है। एफडीआई पॉलिसी में बदलाव से चीन सहित भारत के पड़ोसी देशों के निवेशकों को अब केंद्र सरकार से मंजूरी लेना जरूरी होगा। ये नियम उन सभी देशों के लिए होगा जिनकी भारत से सीमा लगती है। जिन देशों की सीमा भारत से लगती है उनमें चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं। अप्रैल में सरकार ने एफडीआई नीति में बदलाव करते हुए चीन का साफ नाम नहीं लिया था, बल्कि चीन को "वे देश जिसकी सीमा भारत से लगती है" से रेफर किया गया था। पाकिस्तान और बांग्लादेश में आधारित निवेशक पहले से ही इस कानून के तहत आते हैं।
More From GoodReturns

Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक

Navin Fluorine के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 Results के दौड़ा शेयर, आगे क्या होगा?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट: आज इन 5 सेक्टर्स के शेयरों में दिखेगी हलचल, चेक करें लिस्ट

3 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही रहेगा? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

4 अगस्त को सोने के दाम में गिरावट! क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?



Click it and Unblock the Notifications