नयी दिल्ली। किसी भी अर्थव्यवस्था में उन देशवासियों का बहुत बड़ा योगदान होता है, जो विदेशों में कमा कर अपने देश में पैसे भेजते हैं। अच्छी बात यह है कि विदेशों में रह रहे देशवासियों द्वारा भेजी गयी रकम प्राप्त करने वाले देशों में भारत पहले पायदान पर बना हुआ है। बता दें कि प्रवासियों द्वारा भेजी जाने वाली रकम को रेमिटेंस कहते हैं। 2018 में भारतीय प्रवासियों ने करीब 78.6 अरब डॉलर की राशि देश में भेजी। दुनिया भर में भारतीय प्रवासी सबसे ज्यादा हैं। 2019 के मध्य तक के आँकड़ों के मुताबिक भारतीय प्रवासियों की संख्या 1.75 करोड़ है। इन आँकड़ों के मद्देनजर रेमिटेंस हासिल करने वालों में भारत पहले नंबर पर है तो यह कोई हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि 2018 में पूरी दुनिया के 689 अरब डॉलर के कुल रेमिटेंस में भारत की हिस्सेदारी 14% रही थी। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) द्वारा बुधवार को जारी की गई वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2020 के मुताबिक 2015 में भारत को 68.91 बिलियन डॉलर का रेमिटेंस मिला था, जिसके मुकाबले 2018 में भारत को मिले रेमिटेंस में 14% की बढ़ोतरी हुई।

2010 और 2015 में भी भारत पहले नंबर पर
विदेशी रेमिटेंस प्राप्त करने वाले देशों में भारत 2010 और 2015 में भी पहले नंबर पर रहा था। 2010 में रेमिटेंस 53.48 अरब डॉलर था, जो 2015 में करीब 29% बढ़ कर 68.91 अरब डॉलर हो गया। अगर 2010 और 2018 के ताजा आँकड़ों की तुलना करें तो भारत के रेमिटेंस में करीब 47% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जिसमें पूरा योगतान प्रवासी भारतीयों का है। विदेशों में रह रहे प्रवासियों पर नजर डालें तो सर्वाधिक 34 लाख भारतीय यूएई में रहते हैं। इसके बाद अमेरिका (27 लाख) और सऊदी अरब (24 लाख) का नंबर है। वहीं प्रवासियों की संख्या में 1.18 करोड़ लोगों के साथ मेक्सिको दूसरे और 1.07 करोड़ लोगों के साथ चीन तीसरे नंबर पर है।
कौन-कौन से देश हैं फहरिस्त में
78.6 अरब डॉलर के साथ रेमिटेंस हासिल करने वालों की सूची में भारत पहले पायदान पर है, जिसे औसतन हर प्रवासी भारतीय से 3.15 लाख रुपये मिलते हैं। इस सूची में 67.4 अरब डॉलर के साथ चीन दूसरे नंबर पर है, जबकि 35.7 अरब डॉलर के साथ मेक्सिको तीसरे नंबर पर है। वहीं अगर उन देशों पर नजर डालें जहाँ से सबसे अधिक रेमिटेंस जाता है तो वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2020 के अनुसार 68 बिलियन डॉलर बाहर भेजने वाला अमेरिका पहले नंबर है। इसके बाद यूएई (44.4 बिलियन डॉलर) और सऊदी अरब (36.1 बिलियन डॉलर) का नंबर है।
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