नयी दिल्ली। कोरोनावायरस के कारण आर्थिक समस्याएं आ रही हैं। लोग घरों से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। इस बीच लोगों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए गुरुवार को केंद्र सरकार ने गरीबों, प्रभावित लोगों और किसानों के लिए कई राहत भरी घोषणाएं की थीं। जबकि आज आरबीआई ने आर्थिक हालात को काबू में रखने के लिए कई बड़े ऐलान किये हैं। आरबीआई ने अप्रैल में होने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक जल्दी की। सबसे बड़ी राहत जो आरबीआई की तरफ से दी गयी है वो है रेपो रेट में कटौती। इस ब्याज दरों में कमी आएगी। बता दें कि कोरोनावायरस के कारण बिगड़ते आर्थिक हालातों को देखते हुए कई विदेशी केंद्रीय बैंक पहले ही ब्याज दरें घटा चुके हैं। आइये नजर डालते हैं आरबीआई की तरफ से किये गये 8 बड़े ऐलानों पर।

घटाई रेपो रेट
आरबीाई ने रेपो रेट में एक साथ 75 आधार अंकों की कटौती की है। इससे रेपो रेट 5.1 फीसदी से गिर कर 4.4 फीसदी पर आ गई है। वहीं रिवर्स रेपो रेट में 90 आधार अंकों की कटौती की गई है, जिससे रिवर्स रेपो रेट घट कर 4 फीसद पर आ गई। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को आरबीआई कर्ज देता है। रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा धन पर ब्याज मिलता है।
लोन की ईएमआई और ब्याज पर रोक
आरबीआई ने सभी तरह के लोन पर सभी बैंकों से तीन महीने तक ईएमआई और ब्याज लेने पर रोक लगाई है। हालांकि ये राहत सबको नहीं मिलेगी। मगर ध्यान रहे कि आरबीआई ने इस मामले में बैंकों को ऐसा करने की अनुमति दी है न कि आदेश। अब ये आपके बैंक पर निर्भर करता है कि वो आपको राहत देता है या नहीं।
सीआरआर में कटौती
आरबीआई ने कैश रिजर्व रेशियो या सीआरआर में भी 100 आधार अंकों या पूरे 1 फीसदी की कटौती की है। इससे सीआरआर घट कर 3 फीसदी रह जाएगा।
आएगी 3.74 लाख करोड़ रु की लिक्विडिटी
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक घोषित किये गये इन उपायों से सिस्ट्म में 3.74 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी आएगी।
एलटीआरओ की नीलामी
बाजारों में जोरदार बिकवाली से दबाव बढ़ गया है। आरबीआई नीति दर से जुड़ी फ्लोटिंग दर पर 1 लाख करोड़ रुपये तक के तीन साल के अवधि के लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (LTRO) की नीलामी करेगा।
2.8 लाख करोड़ रु डाले
आरबीआई ने जीडीपी के 1.4% के बराबर विभिन्न उपकरणों के जरिये 2.8 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी डाली है। आज के उपायों के साथ लिक्विडिटी जीडीपी के 3.2% के बराबर होगी। आरबीआई के मुताबिक सिस्टम में लिक्विडिटी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर उपाय किये जाएंगे।
बैंक हैं सुरक्षित
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र सुरक्षित और सुदृढ़ है। निजी बैंकों सहित कमर्शियल बैंकों के जमाकर्ताओं को अपने पैसों की सुरक्षा की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। आरबीआई ने बैंकों से लोन में बढ़ावा देने को कहा है।
आरबीआई की चेतावनी
हालांकि आरबीआई ने चेतावनी भी दी हैं। आरबीआई के अनुसार कोरोना के चलते GDP पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों में कमी आएगी। मगर अच्छी बात ये है कि कच्चे तेल के दामों में कमी से मंहगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी।
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