India Q3 GDP latest figures: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से आज जीडीपी के जारी आंकड़ों को जारी किया गया। इसमें दिसंबर तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 8.4 प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि एसबीआई रिसर्च सहित कई अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी कम होगी। वहीं आज सांख्यिकी मंत्रालय ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए दूसरे अग्रिम अनुमान में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि जनवरी में केंद्रीय बजट से पहले जारी 7.3% के पहले अग्रिम अनुमान की तुलना में।
जीडीपी आंकड़ों में सुधार
दूसरी तिमाही के लिए ग्रोथ को 7.6 फीसदी से संशोधित कर 8.1 फीसदी और पहली तिमाही के लिए ग्रोथ आंकड़े को 7.8 फीसदी से बढ़ाकर 8.2 फीसदी कर दिया गया है। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी और नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 8.5 फीसदी रही है। वहीं दूसरी तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ 8.1 फीसदी और नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 9.6 फीसदी रही है। तीसरी तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ 8.4 फीसदी और नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10.1 फीसदी है।

एनएसओ के आज के आंकड़े से पता चलता है कि दिसंबत तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.4 फीसदी रही। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इसकी वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, माइनिंग और कंस्ट्रक्शन में सुधार है। बता दें कि इस दौरान कंस्ट्रक्शन सेक्टर ने दोहरे अंक की वृद्धि दर (10.7 प्रतिशत) दर्ज की है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 8.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।
- वहीं पिछले वित्त वर्ष समान तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 4.3 फीसदी थी।
- GVA के मोर्चे पर भी सरकार को अच्छी खबर मिली है। सालाना आधार पर GVA 4.8 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी हो गई है।
- जनवरी तक राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य के 63.6 प्रतिशत पर पहुंचा है।
कोर सेक्टर ग्रोथ के आंकड़े
वहीं आज सरकारी आंकड़ों में कहा गया है कि अक्टूबर 2023 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को संशोधित कर 12.7 प्रतिशत कर दिया गया है। अप्रैल से जनवरी, 2023-24 के दौरान आईसीआई की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.7 प्रतिशत (अनंतिम) है।
जनवरी में आठ प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन
- कोयला उत्पादन दिसंबर के 10.7 फीसदी के मुकाबले 10.2 फीसदी बढ़ा
- कच्चे तेल का उत्पादन दिसंबर में 1.0 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले 0.7 प्रतिशत बढ़ा
- प्राकृतिक गैस का उत्पादन दिसंबर के 6.6 फीसदी के मुकाबले 5.5 फीसदी बढ़ा
- रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन दिसंबर में 4.0 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 4.3 प्रतिशत कम हुआ
- उर्वरक उत्पादन दिसंबर में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 0.6 प्रतिशत कम हुआ
- स्टील उत्पादन दिसंबर के 7.6 फीसदी के मुकाबले 7.0 फीसदी बढ़ा
- सीमेंट उत्पादन दिसंबर के 3.8 फीसदी के मुकाबले 5.6 फीसदी बढ़ा
- बिजली उत्पादन दिसंबर के 1.2 फीसदी के मुकाबले 5.2 फीसदी बढ़ा
क्या होती है जीडीपी
जीडीपी की फुल फॉर्म सकल घरेलू उत्पाद है। यह किसी भी देश में एक निश्चित अवधि के दौरान उत्पादित हुई सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य होता है। आमतौर किसी देश की जीडीपी को मापने के लिए एक वर्ष की अवधि का प्रयोग किया जाता है।
माना जाता है कि मौजूदा समय में जिस जीडीपी अवधारणा का उपयोग किया जा रहा है, उसकी शुरुआत 18वीं शताब्दी के अंत में हुई थी। इसे 1934 में अमेरिकी अर्थशास्त्री साइमन कुज्नेत्स द्वारा लोकप्रिय किया गया। 1944 में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में देश की अर्थव्यवस्था को मापने की मुख्य पद्धति के रूप में अपनाया गया।
जीडीपी को कैलकुलेशन करने के मुख्य तीन तरीके हैं, जिसमें प्रोडक्शन एप्रोच, एक्सपेंडिचर एप्रोच और इनकम एप्रोच को शामिल किया जाता है। खास बात यह है कि इन तीनों तरीकों से जीडीपी की कैलकुलेशन करने पर नतीजा एक समान ही आता है।
प्रोडक्शन एप्रोच में उत्पादन के समय सभी वैल्यू एडेड (टोटल सेल्स माइनस इंटरमीडिएट इनपुट का मूल्य) का योग कर जीडीपी का मूल्य निकाला जाता है।
एक्सपेंडिचर एप्रोच अंतिम उपभोक्ता द्वारा खरीदी गए उत्पादों और सेवाओं का योग का उपयोग कर जीडीपी का मूल्य निकाला जाता है।
इनकम एप्रोच में देश में उत्पादित आय का उपयोग करके जीडीपी के मूल्य को निकाला जाता है।
More From GoodReturns

पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

4 अगस्त को सोने के दाम में गिरावट! क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

Market Crash Today: CAS System और Crude Oil ने बिगाड़ी बाजार की चाल, एक्सपर्ट से जानिए अब क्या होगा?

RBI MPC Meeting August 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, लोन और आपकी EMI पर कैसा असर?

RBI MPC बैठक: पॉलिसी वाले हफ्ते में पैसा कहां लगाएं? FD, RD या SIP में से क्या है बेहतर विकल्प

Independence Day sales: शॉपिंग से पहले जान लें ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स, होगी भारी बचत



Click it and Unblock the Notifications