India GDP Growth Rate APRIL-JUNE 2025-26 : अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ को चल रहे तकरार के बीच देश के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, सरकार ने शुक्रवार (29 अगस्त) को वित्त वर्ष 2025-26 के जून तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े जारी कर दिए।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश का सकल घरेलू उत्पाद वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत बढ़ा है जो कि अनुमान से अधिक है। एक साल पहले यह आंकड़ा 6.5 प्रतिशत था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 6.5 प्रतिशत के आस-पास जीडीपी के रहने की उम्मीद जताई थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि नॉमिनल जीडीपी पहली तिमाही में 8.8 प्रतिशत रहा है जबकि देश का बजटीय घाटा या राजकोषीय घाटा बढ़कर 29.9% पर पहुंच गया है।
पिछले पांच तिमाहियों में देश का जीडीपी दर
पिछली पांच तिमाहियों में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दमदार रही है। Q1 FY25 में 6.5% वृद्धि, Q2 FY25 में 7.4% वृद्धि, Q3 FY25 में 8.4% वृद्धि, Q4 FY25 में 8.4% वृद्धि (जनवरी-मार्च 2025) दर्ज हुई है।
किस सेक्टर में सबसे अधिक ग्रोथ
NSO के आंकड़ों के अनुसार, एग्रीकल्चर सेक्टर की वृद्धि 3.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1.5 प्रतिशत से बढ़ी है। वहीं, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि मामूली बढ़कर 7.7 प्रतिशत हुई, जो पिछले साल की 7.6 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है।
वहीं, माइनिंग सेक्टर में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह सेक्टर 6.6 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहा था।
सेंकेंड्री सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिकसिटी इंडस्ट्रीज की ग्रोथ रेट सालाना आधार पर 7 प्रतिशत रही है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सेंकेंड्री सेक्टर की ग्रोथ रेट 8.6 प्रतिशत थी।
ट्रेड होटल्स, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशंस और सर्विसेज से सम्बंधित बिजनेस 8.6 प्रतिशत की ग्रोथ से बढ़ा है। वित्त वर्ष 25 में इसकी ग्रोथ रेट 5.4 प्रतिशत थी। 2025-26 की पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ रेट मामूली रूप से बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 7.6 प्रतिशत थी।
जीडीपी आंकड़ों की प्रमुख बातें (Key Highlights)
- वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.8% की वृद्धि दर्ज हुई है जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 6.5% की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।
- वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में नोमिनल सकल घरेलू उत्पाद में 8.8% की वृद्धि दर देखी गई है।
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 3.7% रही है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.5% की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।
- सेकेंड्री सेक्टर्स विशेष रूप से विनिर्माण (7.7%) और निर्माण (7.6%) ने इस तिमाही में स्थिर मूल्यों पर 7.5% से अधिक की वृद्धि दर दर्ज की है।
- खनन एवं उत्खनन (-3.1%) और बिजली, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य यूटीलिटी सर्विस सेक्टर (0.5%) में वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान मध्यम वास्तविक वृद्धि दर देखी गई है।
- तृतीयक क्षेत्र (9.3%) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में स्थिर मूल्यों पर पर्याप्त वृद्धि दर दर्ज की है, जो वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही की 6.8% की वृद्धि दर से कहीं अधिक है।
- सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (GFCE) में भारी उछाल आया है और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान नाममात्र के आधार पर 9.7% की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 4.0% थी।
- वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान 7.0% की वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 8.3% थी।
- सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) ने स्थिर मूल्यों पर 7.8% की वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 6.7% थी।
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