India GDP Growth: दुनिया पर मंडरा रहा मंदी का खतरा! भारत की GDP ग्रोथ पर वैश्विक संकट का कितना खतरा?

India GDP Growth: मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन पर दबाव और निवेशकों की बढ़ती बेचैनी का असर दुनियाभर के बाजारों पर देखने को मिल रहा है। इसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। संयुक्त राष्ट्र (UN), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और घरेलू रेटिंग एजेंसी ICRA समेत कई संस्थानों ने भारत के आर्थिक विकास अनुमान को घटा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो महंगाई, आयात लागत और निवेश गतिविधियों पर और दबाव बढ़ सकता है।

India GDP Growth

UN की रिपोर्ट ने चौंकाया!

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने चिंता को और गहरा कर दिया है। UN की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2026-27 में 6.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष 2026 में अनुमानित 7.5% की वृद्धि दर से कम है, क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आयात की लागत बढ़ गई है, वित्तीय स्थितियां और सख्त हो गई हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है।

IMF ने भारत की GDP ग्रोथ पर क्या कहा?

दूसरी ओर वैश्विक अर्थव्यवस्था ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दस हफ्ते तक बंद रहने के बाद IMF की अप्रैल 2026 की 'वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट' निवेशकों के लिए और जोखिम बढ़ा दिया है। IMF ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में साफ-साफ कहा है कि दुनिया भर में वित्तीय स्थिरता को लेकर जोखिम बढ़ गए हैं। दुनिया एक ही समय पर कई चुनौतियों का सामना कर रही है - मध्य-पूर्व में चल रहा युद्ध, तेल की सप्लाई में रुकावट से पैदा हुआ महंगाई का दबाव, सरकारी बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड, और कई ऐसे कारण जो इन जोखिमों को और बढ़ा देते हैं, जैसे कि लेवरेज्ड हेज फंड, निजी कर्ज का बढ़ता बोझ, और डेरिवेटिव्स का ऐसा सिस्टम जो शांत समय में तो बाजार की उठा-पटक को दबाए रखता है,

लेकिन मुश्किल समय आते ही उसे अचानक कई गुना बढ़ा देता है। इन हालात को देखते हुए, हर बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन ने अपने आर्थिक विकास के अनुमानों में बदलाव किया है, और वॉल स्ट्रीट के बड़े-बड़े बैंक लगभग हर हफ्ते मंदी की संभावनाओं का फिर से आकलन कर रहे हैं।

IMF के अप्रैल 2026 के अनुमानों के मुताबिक, इस साल भारत की ग्रोथ रेट 6.2% रहने का अनुमान है, और 2027 में यह बढ़कर 6.5% हो जाएगी। यह एक ऐसा ग्रोथ पाथ है जो भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना देगा, और वह भी काफी बड़े अंतर से।

भारत की GDP ग्रोथ पर ICRA

रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए, वित्त वर्ष 2027 में भारत की GDP ग्रोथ 6.2% रहने की संभावना है, जो पहले के 6.5% के अनुमान से कम है। वित्त वर्ष 2026 के लिए, ICRA ने GDP ग्रोथ का अनुमान 7.5% लगाया है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के इस वित्त वर्ष के लिए 7.6% के दूसरे अग्रिम अनुमान (SAE) से थोड़ा कम है।

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