India GDP grew faster than expected: भारत की जीडीपी में चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में तेज उछाल दर्ज हुआा है। आज जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी है। यह आंकड़े आज नेशनल स्टैटिकल ऑफिस यानी एनएसओ की तरफ से जारी किए गए है। आंकड़ों के अनुसार जीडीपी में यह बढ़त पिछली चार तिमाहियों में सबसे ज्यादा है।
इसी के साथ भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, क्योंकि अप्रैल-जून तिमाही में चीन की जीडीपी वृद्धि 6.3 प्रतिशत थी।

आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 4.7 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 6.1 प्रतिशत थी।
एनएसओ की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार कृषि क्षेत्र में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2022-23 की अप्रैल-जून तिमाही में 2.4 प्रतिशत थी।
एनएसओ की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में अप्रैल-जून में प्राइवेट कंजप्शन में वृद्धि 6.0% दर्ज की गई, जबकि जनवरी-मार्च में यह 2.8% और अप्रैल-जून 2022 में 19.8% थी।
जारी आंकड़ों के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी, होटल और परिवहन उद्योगों में कंपनियां विस्तार कर रही हैं और सेवा क्षेत्र में अधिक कारोबार हो रहा है। यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आधे से अधिक का योगदान देता है।
वहीं अप्रैल-जून में सकल फिक्स कैपिटल फारमेशन की वृद्धि 8.0 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी-मार्च में 8.9% और अप्रैल-जून 2022 में 20.4% थी। वहीं अप्रैल-जून में सरकारी व्यय वृद्धि निगेटिव 0.7% रही, जबकि जनवरी-मार्च में 2.3% और अप्रैल-जून 2022 में 1.8% थी।
भारत की GDP के जानिए आंकड़े
FY23 : जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी
बीते साल के तिमाही जीडीपी के आंकड़े
- FY23 : चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.1 फीसदी
- FY23 : तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 4.4 फीसदी (निगेटिव)
- FY23 : दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.3 फीसदी
- FY23 : पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 13.50 फीसदी (निगेटिव)
जीडीपी आंकड़ों के कुछ पहले ही सरकार की तरफ से कोर सेक्टर के आंकड़े भी जारी किए गए। जुलाई में कोर सेक्टर की वृद्धि दर जून के मुकाबले 8.3% से घटकर 8.0% हो गई। अप्रैल-जुलाई 2022 में 11.5% के मुकाबले अप्रैल-जुलाई में कोर सेक्टर की वृद्धि 6.4% रही।
वहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों में यानी अप्रैल से जुलाई तक भारत का राजकोषीय घाटा 6.06 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह वार्षिक अनुमान का 33.9% है। पिछले साल समान अविध में राजकोषीय घाटा 20.5% पर था।
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