नई दिल्ली, जुलाई 25। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 16 जुलाई 2021 को खत्म हुए सप्ताह के दौरान 83.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 612.73 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़े के अनुसार 9 जुलाई 2021 को खत्म सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.883 अरब डॉलर बढ़कर 611.895 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। आंकड़ों के अनुसार भारत के पास जो विदेशी मुद्रा भंडार है, उससे देश में 15 महीने का आयात का काम चल सकता है।

विदेश मुद्रा भंडार के मामले में टॉप 5 देश
-चीन 3,349,305
-जापान 1,376,478
-स्विटरलैंड 1,074,845
-इंडिया 612,730
-रूस 597,400
एफसीए में बढ़त है बड़ा कारण
आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन हफ्त के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा संपत्तियों (एफसीए) में बढ़त रही है। समीक्षाधनी समय के दौरान एफसीए 46.3 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 568.784 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। एफसीए में डॉलर के लिहाज से बताई जाने वाली विदेशी मुद्रा संपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राओं को रखा जाता है और जिनके दाम में वृद्धि या कमी का प्रभाव को बाद में एफसीए में शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व भी बढ़ा
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधनी समय के दौरान गोल्ड रिजर्व 37.7 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 37.333 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10 लाख डॉलर बढ़कर 1.548 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। हालांकि रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन समय में आईएमएफ के पास मौजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 70 लाख डॉलर घटकर 5.1 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।


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