नई दिल्ली, मार्च 6। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में गिरावट के कारण भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 25 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 1.425 अरब डॉलर घटकर 631.527 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। यह जानकारी रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों में सामने आई है। वहीं इससे पूर्व के हफ्ते में यह विदेशी मुद्रा भंडार 2.762 अरब डॉलर बढ़कर 632.952 अरब डॉलर हो गया था।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
चीन : 3.39 ट्रिलियन डॉलर
जापान : 1.40 ट्रिलियन डॉलर
स्विटरलैंड : 1.10 ट्रिलियन डॉलर
रूस : 643,200 बिलियन डॉलर
भारत : 631,527 बिलियन डॉलर

जानिए आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़े
आरबीआई की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) के घटने की वजह से दर्ज हुई है। आंकड़ों के अनुसार 18 फरवरी को समाप्त सप्ताह में एफसीए 2.228 अरब डॉलर कम होकर 564.832 अरब डॉलर बचा है। डॉलर में दर्ज होने वाली यह विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्रा के मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

गोल्ड रिजर्व बढ़ा
वहीं बीते हफ्ते गोल्ड रिजर्व काफी तेजी से बढ़ा है। समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान यह 95.8 करोड1 डॉलर बढ़कर 42.467 अरब डॉलर हो गया। वहीं समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 12.2 करोड़ डॉलर घटकर 19.04 अरब डॉलर रह गया। आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 3.4 करोड़ डॉलर घटकर 5.187 अरब डॉलर रह गया।


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