नई दिल्ली, फरवरी 20। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते फिर घटा है। एक समय सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत दुनिया का चौथा बड़ा देश बन गया था, लेकिन फिलहाल भारत पांचवां देश बना हुआ है। 11 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.763 अरब डॉलर कम होकर 630.19 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.42 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.40 ट्रिलियन डॉलर
- स्विटरलैंड 1.08 ट्रिलियन डॉलर
- रूस 639,600 बिलियन डॉलर
- भारत 630,190 बिलियन डॉलर
ये हैं विदेशी मुद्रा भंडार के लेटेस्ट आंकड़े
विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में यह जानकारी आरबीआई की तरफ से जारी की गई है। आरबीआई हर हफ्ते इस विषय पर अपडेट जानकारी जारी करता है। वहीं इससे पहले 4 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 2.198 अरब डॉलर बढ़कर 631.953 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। विदेशी मुद्रा भंडार 3 सितंबर, 2021 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 642.453 अरब डॉलर के अपने ऑलटाइम हाई पर था।
एफसीए में आई है बड़ी गिरावट
आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार बीते हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट का सबसे बड़ा कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में कमी दर्ज होना है। एफसीए समग्र भंडार और स्वर्ण भंडार का एक प्रमुख घटक है। आंकड़ों के अनुसार 11 फरवरी को समाप्त सप्ताह में एफसीए 2.764 अरब डॉलर घटकर 565.565 अरब डॉलर रह गया। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्रा के मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व में भी गिरावट
इसके अलावा आलोच्य सप्ताह में सोने का भंडार 95.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 40.235 अरब डॉलर हो गया। समीक्षाधीन सप्ताह में, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 6.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 19.173 अरब डॉलर हो गया। आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 1.6 करोड़ डॉलर घटकर 5.217 अरब डॉलर रह गया।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
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