नई दिल्ली, सितंबर 18। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार कम होता जा रहा है। 9 सितंबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 2.23 अरब डॉलर कम होकर 550.87 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से दी गई है। वहीं इससे भी पहले के हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 7.94 अरब डॉलर कम होकर 553.10 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। इस गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा भंडार 2 साल के निचले स्तर पर आ गया है।

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
जानिए कहां आई सबसे ज्यादा गिरावट
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन करेंसी एसेट (एफसीए) में आई भारी गिरावट से विदेशी मुद्रा भंडार सबसे ज्यादा कम हुआ है। एफसीए बीते हफ्ते 2.51 अरब डॉलर कम होकर 489.59 अरब डॉलर बचा है। रुपये का थामने के लिए आरबीआई की तरफ से जारी किए जा रहे डालर इस गिरावट का बड़ा कारण माना जा रहा है।
हालांकि गोल्ड रिवर्ज बढ़ा गया
वहीं बीते हफ्ते गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 34 करोड़ डॉलर बढ़कर 38.64 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई है। 2 सितंबर 2022 को खत्म हफ्ते में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 38.303 अरब डॉलर थी। उस समय इसमें 1.339 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज हुई थी।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.32 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.31 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड 964,084 बिलियन डॉलर
- रूस 557,400 बिलियन डॉलर
- भारत 550,871 बिलियन डॉलर


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