नई दिल्ली, सितंबर 25। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट लगातार जारी है। 16 सितंबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान इसमें 5.219 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह घटकर 545.652 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आंकड़े जारी कर यह जानकारी दी है। विदेशी मुद्रा भंडार वहीं इससे पहले के हफ्ते में 2.23 अरब डॉलर घटकर 550.87 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था।

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
जानिए कहां घटा सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार
आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में गिरावट के कारण 16 सितंबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घटा है। एफसीए समग्र भंडार का एक प्रमुख हिस्सा होता है। आरबीआई के अनुसार समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान एफसीए 4.698 अरब डॉलर घटकर 484.901 अरब डॉलर बचा है। डॉलर के संदर्भ में एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.22 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.29 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड 961,372 बिलियन डॉलर
- रूस 557,700 बिलियन डॉलर
- भारत 545,652 बिलियन डॉलर
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी कम हुई
वहीं आरबीआई के आंकड़ों से पता चला है कि गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी 45.8 करोड़ डॉलर कम होकर 38.186 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई है। इसके अलावा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 3.2 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 17.686 अरब डॉलर रह गया है। समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ के पास देश की आरक्षित निधि 3.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.88 अरब अमेरिकी डॉलर रह गई।


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