नई दिल्ली, सितंबर 11। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घटा रहा है। स्थिति यह है कि 2 सितंबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान यह 2 साल के न्यूनतम स्तर पर आ गया है। इस दौरान भारत का विदेशी मु्द्रा भंडार 7.9 अरब डॉलर कम होकर 553.11 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। जानकार बता रहे हैं कि रुपये में गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई लगातार डॉलर की बिक्री कर रहा है, जिससे भी विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से कम हो रहा है।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
चीन 3.32 ट्रिलियन डॉलर
जापान 1.31 ट्रिलियन डॉलर
स्विटरलैंड 964,084 बिलियन डॉलर
रूस 561,900 बिलियन डॉलर
भारत 553,105 बिलियन डॉलर
फॉरेन करेंसी एसेट में दर्ज हुई तेज गिरावट
आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार 2 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में, फॉरेन करेंसी एसेट (एफसीए) 6.527 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 492.117 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा भंडार का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। पिछले सप्ताह (26 अगस्त 2022 को) एफसीए 498.645 अरब डॉलर के स्तर पर था।
जानिए कितना बची गोल्ड रिवर्ज की वैल्यू
वहीं, 2 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में गोल्ड रिवर्ज की वैल्यू 38.303 अरब डॉलर बची है। इसमें 1.339 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज हुई है। दूसरी तरफ, एसडीआर 5 करोड़ डॉलर घटकर 17.782 अरब डॉलर बचा है। आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन 2.4 करोड़ डॉलर कम होकर 4.902 अरब डॉलर बचा है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


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