Foreign Exchange Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते दिनों 3.165 बिलियन डॉलर कम होकर 603.87 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया। यह लगातरा दूसरा हफ्ता है, जब विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज हुई है। पिछले हफ्ते भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.987 बिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 607.035 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया था।
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं।

आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 बिलियन डॉलर के ऑल टाइम हाई के स्तर पर था। वहीं आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 28 जुलाई को समाप्त हफ्ते में भारत कीविदेशी मुद्रा संपत्ति में 2.416 बिलियन डॉलर की कमी आई और यह 535.337 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
चीन 3.38 ट्रिलियन डॉलर
जापान 1.24 ट्रिलियन डॉलर
स्विट्जरलैंड 898,588 बिलियन डॉलर
भारत 603,870 बिलियन डॉलर
रूस 594,000 बिलियन डॉलर
नोट: आंकड़े 6 अगस्त 2023 तक के अपडेट
वहीं देश के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी 710 मिलियन डॉलर घटकर 44.904 बिलियन डॉलर बची है। हालांकि इस दौरान एसडीआर में 29 मिलियन डॉलर गिरावट भी दर्ज हुई है और अब यह 18.444 बिलियन अमेरिकी डॉलर बचा है। वहीं भारत की आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन 11 मिलियन डॉलर घटकर 5.185 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गई।
वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 8 पैसे की गिरावट के साथ 2 माह के भी अधिक के निचले स्तर 82.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में डॉलर की मांग बढ़ने और कच्चे तेल कीमतों में मजबूती आने से रुपये की धारणा कमजोर हुई है। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी कोषों की निकासी से भी रुपये पर दबाव है।


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