नई दिल्ली, जून 12। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) पहली बार 600 अरब डॉलर के पार निकल गया है। यह विदेशी मुद्रा भंडार का एक नया रिकॉर्ड स्तर है। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बताया है कि 4 जून के समाप्त हुए हफ्ते में विदेश मुद्रा भंडार 605 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। यह 28 मई तक 598 अरब डॉलर के स्तर पर था। इस तरह से एक हफ्ते में ही विदेशी मुद्रा भंडार में 6.84 अरब डॉलर की बढ़त हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार में इस बढ़त के साथ ही भारत अभी भी दुनिया का 5वां बड़ विदेशी मद्रा भंडार वाला देश बना हुआ है, लेकिन अब रूस से यह अंतर लगभग खत्म जैसा हो गया है।
सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा वाले टॉप 5 देश
-चीन 3.33 ट्रिलयन डॉलर
-जापान 1.37 ट्रिलयन डॉलर
-स्विटरलैंड 1.07 ट्रिलयन डॉलर
रूस 605.20 बिलियन डॉलर
भारत 605.00 बिलियन डॉलर

अर्थव्यवस्था हो रही मजबूत
देश का फॉरेक्स रिजर्व बढ़ने का सीधा सा मतलब है कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इसका मुख्य कारण रुपए की मजबूती और एक्सपोर्ट बढ़ना है। विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने से आम लोगों को भी फायदा होगा। आरबीआई विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े हर हफ्ते जारी करता है।
ये है विदेशी मुद्रा भंडार का विवरण
विदेशी मुद्रा भंडार में इस बढ़ोतरी का कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में हुई अच्छी वृद्धि है। यह कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होता है। इससे पहले 28 मई 2021 को खत्म हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 5.271 अरब डॉलर बढ़कर 598.165 अरब डॉलर हो गया था। इन आंकड़ों के अनुसार बीते हफ्ते स्वर्ण भंडार 50.2 करोड़ डॉलर घटकर 37.604 अरब डॉलर रह गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10 लाख डॉलर घटकर 1.513 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा, आईएमएफ के पास देश का आरक्षित भंडार भी 1.6 करोड़ डॉलर घटकर पांच अरब डॉलर रह गया है।


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