नई दिल्ली, जून 18। देश का विदेशी मुद्रा भंडार बीते हफ्ते 600 बिलियन के पार जाकर रिकार्ड कायम कर चुका है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया के टॉप 5 देशों की सूची में शामिल कराता है। भारत से ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार इस समय दुनिया के 4 देश यानी चीन, जापान, स्विटरलैंड और रूस के पास है और भारत का स्थान पाचवां है। लेकिन इसके बाद भी रिजर्व बैंक बहुत ज्यादा खुश नजर नहीं आता है।

आरबीआई की रिपोर्ट में यह बात आई सामने
एक तरफ भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 600 बिलियन डॉलर के पार है, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा के नेतृत्व वाली शोध टीम के एक पेपर के अनुसार इस फारेक्स रिजर्व से 15 महीने से कम समय का आयात का ही काम चल सकता है।
जानिए प्रमुख बातें
चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 7 जून 2021 को 3.22 ट्रिलियन डालर था और यह दुनिया का सबसे बड़ा विदेश मुद्रा भंडार वाला देश है। लेकिन इसका विदेशी मुद्रा भंडार केवल 16 महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है।
स्विट्जरलैंड के पास 1.07 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो 39 महीनों के आयात के लिए पर्याप्त है।
जापान का विदेशी मुद्रा भंडार 1.38 ट्रिलियन है, जो 22 महीनों के आयात के लिए पर्याप्त है।
रूस का विदेशी मुद्रा भंडार 604.8 बिलियन डालर है, जो 20 महीनों के आयात के लिए पर्याप्त है।
ये है आरबीआई की चिंता
आरबीआई के पेपर के अनुसार विशेष रूप से चिंताजनक बात यह है कि भारत की देनदारियां इसकी संपत्ति से ज्यादा हैं। भारत पर उच्च विदेशी ऋण है। दिसंबर 2020 तक 563.5 बिलियन डॉलर का भारत पर विदेशी कर्ज था, जबकि उस वक्त भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 585.8 बिलियन डॉलर का था।


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