मुंबई: देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार, 28 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 729.33 अरब डॉलर हो गया है। शुक्रवार के डॉलर रेट के हिसाब से यह नया शिखर लगभग ₹69.6 लाख करोड़ के बराबर है। महीने के अंत में होने वाले कैश फ्लो और आगामी व्यस्त आर्थिक गतिविधियों से ठीक पहले इस रिकॉर्ड उछाल ने रुपये के प्रति सेंटिमेंट को मजबूती दी है।
विदेशी मुद्रा भंडार में इस जबर्दस्त तेजी की मुख्य वजह रिजर्व बैंक की कंसेशनल स्वैप फैसिलिटी के तहत फॉरेन करंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) डिपॉजिट्स, पोर्टफोलियो इनफ्लो और वैल्युएशन गेन हैं। सरकार और आरबीआई के अपडेट्स से संकेत मिलता है कि 21 अगस्त तक कुल इनफ्लो करीब 73 अरब डॉलर रहा, जिसमें से लगभग 65 अरब डॉलर अकेले FCNR(B) से आए हैं। ध्यान दें कि यह स्वैप विंडो अब 31 अगस्त को बंद हो रही है।

विदेशी मुद्रा भंडार का नया रिकॉर्ड क्यों है खास?
ऐसे समय में जब बाजार कच्चे तेल के दामों और वैश्विक ब्याज दरों पर लगातार नजर बनाए हुए है, यह मजबूत फॉरेक्स रिजर्व देश के लिए एक बेहतर सुरक्षा कवच का काम करेगा। 28 अगस्त को रुपया 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 6.91 प्रतिशत के करीब दर्ज की गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड 88–89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जिससे भारत के आयात बिल को राहत मिली है। मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से अधिक के सामानों के आयात और कुल विदेशी कर्ज के 94 प्रतिशत हिस्से को कवर करने के लिए पर्याप्त है।
मार्केट वॉच: USD/INR, ब्रेंट क्रूड और बॉन्ड यील्ड
| संकेतक | स्तर | तारीख |
|---|---|---|
| USD/INR क्लोज | 95.39 | 28 अगस्त, 2026 |
| ब्रेंट क्रूड | $88.29/बैरल | 28 अगस्त, 2026 |
| भारत 10‑वर्षीय यील्ड | 6.91% | 28 अगस्त, 2026 |
इसका सबसे पहला फायदा किसे होगा? बाजार में डॉलर की आवक सुधरने से आयात-निर्भर सेक्टरों और तेल कंपनियों को अपनी लागत संभालने में मदद मिलेगी। अगर बैंक स्प्रेड घटाते हैं, तो विदेश यात्रा करने वालों को फॉरेक्स पर बेहतर रेट मिल सकते हैं। इसके अलावा, एक्सटर्नल कमर्शियल बरोइंग (ECB) वाले कॉरपोरेट उधारीकर्ताओं के लिए हेजिंग कॉस्ट स्थिर रहेगी। हालांकि, आयातकों (इंपोर्टर्स) को सलाह है कि वे सही मौकों पर हेजिंग करते रहें; क्योंकि यदि ब्रेंट क्रूड दोबारा चढ़ता है या डॉलर मजबूत होता है, तो रुपये को मिला यह सपोर्ट तेजी से घट भी सकता है।
तत्काल नजर रखने वाले मुख्य कारक: सोमवार को USD/INR का फिक्स रेट, मंगलवार को स्वैप विंडो बंद होने के बाद इनफ्लो का रुख, कच्चे तेल की चाल और आरबीआई द्वारा की जाने वाली डॉलर की बिक्री। अगर 31 अगस्त के बाद भी फॉरेक्स रिजर्व बढ़ता रहता है, तो केंद्रीय बैंक को किसी नए नीतिगत बदलाव का संकेत दिए बिना ही बाजार के उतार-चढ़ाव को काबू करने, रिस्क प्रीमियम कम करने और उधारी लागत को स्थिर बनाए रखने की अधिक आजादी मिल जाएगी।
More From GoodReturns

Bank Holidays: 26 और 28 अगस्त को बैंक रहेंगे बंद, काम निपटाने के लिए देखें पूरी लिस्ट

EPFO EEC 2026: पुरानी कंपनी ने पीएफ नहीं काटा? तो ये है आखिरी मौका, ऐसे पाएं अपना हक

TRAI का नया SMS नियम: अब फर्जी OTP और स्पैम मैसेज पर लगेगी लगाम, जानें क्या है 'प्री-टैगिंग'

27 अगस्त को सोने-चांदी के भाव में नरमी: जानें आपके शहर में क्या हैं आज के ताजा रेट?

SEBI का नया नॉमिनेशन नियम: 1 सितंबर से पहले ये काम नहीं किया तो अटक सकता है आपका निवेश

सोने के दाम में आज फिर तेजी: 26 अगस्त को क्या महंगा हुआ सोना? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

Gold Rate Today: 23 अगस्त को सोने-चांदी के दाम स्थिर, खरीदारी से पहले चेक करें अपने शहर के लेटेस्ट रेट

IPO Alert: आज से 3 कंपनियों के IPO में दांव लगाने का मौका, चेक करें प्राइस बैंड और GMP की पूरी डिटेल

Gold-Silver Price Today: 25 अगस्त को सोने-चांदी के भाव स्थिर, खरीदारी से पहले देखें लेटेस्ट रेट्स

ओणम शॉपिंग: आज रात खत्म हो रहे हैं ये बैंक ऑफर्स, जल्दी उठाएं फायदा

28 अगस्त को सोने के दाम में हल्की नरमी, जानें आपके शहर में क्या है 22K और 24K का ताजा भाव?



Click it and Unblock the Notifications