Foreign exchange reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 26 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान बढ़त दर्ज हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से से जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 591 मिलियन डालर की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। इससे पहले, 19 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भंडार 2.795 बिलियन डॉलर घट गया था। इस सप्ताह बढ़ोतरी के बाद अब विदेशी मुद्रा भंडार 616.733 बिलियन डॉलर हो गया है। वहीं अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के ऑल टाइम पर था। ध्यान रहे कि जिस देश के पास जितना ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश को व्यापार के लिए उतना ही अच्छा माना जाता है। क्योंकि पेमेंट में डिफाल्ट का खतरा नहीं होता है।
विदेशी मुद्रा के मामले में अब दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.23 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.29 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 733,629 बिलियन डॉलर
- भारत: 616,733 बिलियन डॉलर
- रूस: 587,800 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।

रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) में बढ़ोत्तरी हुई है। बीते 26 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफसीए में 289 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब एफसीए 546.144 बिलियन डॉलर हो गया है। उल्लेखनीय है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घटबढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
वहीं इसी दौरान देश का गोल्ड रिजर्व में भी बढ़ोतरी हुई है। इस सप्ताह गोल्ड भंडार में मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अब सोने का भंडार 47.481 बिलयन डॉलर का हो गया है। गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में यह अंतर या तो सोने की मात्रा कम या ज्यादा होने से होती है। इसके अलावा इसमें अंतर गोल्ड के रेट में कमी या बढ़त के चलते होता है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में भी बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर 27 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.248 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखे हुए देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी वृद्धि हुई है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसमें 6 मिलियन की वृद्धि हुई है। अब यह बढ़कर 4.86 बिलियन डॉलर हो गया है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
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