Foreign Exchange Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बीते दिनों रेकॉर्ड बढ़त दर्ज हुई है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कुछ समय से लगातार बढ़ रहा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 29 दिसंबर 2023 को समाप्त सप्ताह में 2.76 अरब डॉलर बढ़कर 623.2 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस बात के आंकड़े जारी किए हैं। इससे पिछले सप्ताह में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 4.47 अरब डॉलर बढ़कर 620.44 अरब डॉलर हो गया था।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

उल्लेखनीय है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर, 2021 में 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर था। पिछले साल से वैश्विक गतिविधियों के कारण उत्पन्न दबाव के बीच केंद्रीय बैंक ने पूंजी भंडार का उपयोग बाजार में जरूरी हस्तक्षेप के लिए किया। इससे मुद्राभंडार प्रभावित हुआ।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, 29 दिसंबर 2023 को समाप्त सप्ताह में, विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक, विदेशी मुद्रा आस्तियां 1.87 अरब डॉलर बढ़कर 551.61 अरब डॉलर हो गया। डॉलर में अभिव्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में घट-बढ़ के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
रिजर्व बैंक के अनुसार इस दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 85.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 48.33 अरब डॉलर हो गई। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 3.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.36 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखा देश का मुद्रा भंडार 20 लाख डॉलर घटकर 4.89 अरब डॉलर रहा।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.17 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.26 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 828,185 बिलियन डॉलर
- भारत: 623,200 बिलियन डॉलर
- रूस: 593,400 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर तिमाही में 9 टन सोना खरीदा। वहीं रिकॉर्ड के अनुसार पूरी दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने कुल मिलाकर 337 टन सोना खरीदा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, नवीनतम तिमाही खरीद के साथ, भारत का आधिकारिक सोने का भंडार सितंबर के अंत तक 806.7 टन हो गया है।
वहीं इस वर्ष अब तक आरबीआई ने कुल 19.3 टन सोने की खरीद की है। आरबीआई 2017 से अपना कुल गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है। डब्ल्यूजीसी डेटा से पता चलता है कि तब से चालू वर्ष तक उसने 248.9 टन सोना खरीदा है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि जब अमेरिकी ट्रेजरी-बिल यील्ड या डॉलर में गिरावट शुरू होती है, तो सोना एक विविधीकरणकर्ता के रूप में कार्य करता है। क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक की एक आंतरिक नीति है कि कितनी मुद्राएं रखनी हैं और कितनी कुल भंडार के प्रतिशत के रूप में सोना। इसीलिए आरबीआई इस तरह का फैसला ले रहा है।


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