नई दिल्ली, फरवरी 13। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 2.198 अरब डॉलर बढ़कर 631.953 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। इससे पहले 28 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 4.531 अरब डॉलर घटकर 629.755 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। वहीं भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3 सितंबर, 2021 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 642.453 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.42 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.40 ट्रिलियन डॉलर
- स्विटरलैंड 1.08 ट्रिलियन डॉलर
- रूस 634,900 बिलियन डॉलर
- भारत 631,953 बिलियन डॉलर

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

एफसीए के चलते बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
आरबीआई की तरफ बताए गए आंकड़ों से पता चला है कि विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) के बढ़ने के चलते हुई है। एफसीए समग्र भंडार और गोल्ड रिजर्व का एक प्रमुख घटक है। आंकड़ों के अनुसार 4 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान एफसीए 2.251 अरब डॉलर बढ़कर 568.329 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा इसी दौरान गोल्ड रिजर्व 21 लाख डॉलर घटकर 39.283 अरब डॉलर रह गया है। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 9.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 19.108 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।


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