नई दिल्ली, नवंबर 28। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 19 नवंबर 2021 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 28.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 640.401 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। रिजर्व बैंक की तरफ से आंकड़े जारी करके यह जानकारी दी गई है। इन आंकड़ों के मुताबिक इसके पिछले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 76.3 करोड़ डॉलर घटकर 640.112 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। वहीं 3 सितंबर, 2021 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भारत के पास 642.453 अरब डॉलर का ऑल टाइम हाई विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर था। समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में बढ़ोतरी भी दर्ज हुई। एफसीए विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माना जाता है।

जानिए टॉप 5 विदेशी मुद्रा भंडार वाले देश
- चीन 3.39 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.40 ट्रिलियन डॉलर
- स्विटरलैंड 1.07 बिलियन डॉलर
- भारत 640,401 बिलियन डॉलर
- रूस 626,300 बिलियन डॉलर
एफसीए में बढ़ोत्तरी
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, हफ्ते के दौरान एफसीए 22.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 575.712 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। एफसीए में डॉलर में बताए जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पौंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्रा के उतार चढ़ाव को इसमें शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व बढ़ा
वहीं आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 15.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 40.391 अरब डॉलर हो गई है। समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से विशेष आहरण अधिकार 7.4 करोड़ डॉलर कम होकर 19.11 अरब डॉलर रह गया है। अंतररराष्ट्रीय मुद्राकोष में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.3 करोड़ डॉलर कम होकर 5.188 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


Click it and Unblock the Notifications