Indian Foreign Exchange Reserve News: साल 2024 भारत के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से काफी बेहतरीन साबित होने वाला है। ज्यादा बेहतर विदेशी मुद्रा भंडार देश की बेहतर आर्थिक प्रगति को इंडिकेट करता है। इससे देश में विदेशी व्यापार भी आकर्षित होता है जिससे देश के अंदर इन्वेस्टमेंट भी बढ़ता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से सरकार के खजाने में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.89 अरब डॉलर के आसपास तक बढ़ने के बाद 48.56 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा रिजर्व बैंक के द्वारा 5 अप्रैल तक समाप्त सप्ताह के दौरान किया गया था।

वहीं 5 अप्रैल से पहले के सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.95 अब बढ़कर 645.58 के आसपास पहुंच गया था। हालांकि यह अपने उसे समय का सर्वकालिक उच्च स्तर था।
देश के गोल्ड रिजर्व में भी आया है जबरदस्त उछाल
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के द्वारा गए जारी किए गए आंकड़े से पता चलता है कि इस सप्ताह के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के अनुसार इस सप्ताह में भारत के गोल्ड रिजर्व में 2.39 अरब डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके बाद भारत का टोटल गोल्ड रिजर्व 54.56 अरब डॉलर के आसपास पहुंच गया है।
वही रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बताया है कि इस समय एसडीआर 2.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.17 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
रिजर्व बैंक के मुताबिक इस सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित जमा राशि में भी 90 लाख डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह 4.669 अरब डॉलर हो गई है।
अब आपके दिमाग में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने से हमारे देश से क्या फायदा होता है। तो आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि जिस देश का विदेशी मुद्रा भंडार कितना ज्यादा होता है उसकी आर्थिक प्रगति उतनी बेहतर होती है। वही एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार आपके देश में फॉरेन इन्वेस्टमेंट को भी आकर्षित करता है।
अगर आपके पास अच्छा खासा मुद्रा भंडार है तो आप इसे इमरजेंसी मिलट्री इक्विपमेंट बड़ी आसानी से खरीद सकते हैं।


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