Forex: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले सप्ताह 10.47 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 8 मार्च 2024 को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 636.095 अरब डॉलर हो गया है। यह इसका दो वर्ष का उच्च स्तर है। चुनाव के पहले एक तरह से मोदी सरकार पर डॉलर बरसा है।
वहीं इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 6.55 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी। डेटा के अनुसार, पिछले सप्ताह फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में 8.121 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। अब यह बढ़कर 562.352 अरब डॉलर हो गई हैं। यह विदेशी मुद्रा भंडार का 2 वर्ष का उच्च स्तर है।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.45 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.28 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 818,447 बिलियन डॉलर
- भारत: 636,095 बिलियन डॉलर
- रूस: 591,200 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
वहीं गोल्ड रिजर्व में 2.999 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। अब कुल गोल्ड रिजर्व बढ़कर 50.176 अरब डॉलर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में जमा 1.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.817 अरब डॉलर हो गया है।
अक्टूबर 2021 में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन, पिछले साल से वैश्विक घटनाक्रम से पैदा हुई चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्रीय बैंक ने रुपये को मजबूत रखने के लिए डॉलर खर्च किया है, जिससे कुल विदेशी मुद्रा भंडार में कुछ कमी आई है।
फॉरेन करेंसी एसेट्स में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी नॉन-अमेरिकी यूनिट में उतार-चढ़ाव शामिल होता है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि स्पेशल ड्राइंग राइट (एसडीआर) भी 3.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.211 अरब डॉलर हो गया। आरबीआई बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह में इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन भी 1.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.817 अरब डॉलर हो गई।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
More From GoodReturns

महंगाई के आंकड़े आज: क्या आपकी EMI और निवेश पर पड़ेगा असर?

इंडिपेंडेंस डे स्पेशल FD: आज रात खत्म हो रहा है निवेश का मौका, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?



Click it and Unblock the Notifications