नई दिल्ली, जुलाई 31। भारत को विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में बीते हफ्ते फिर झटका लगा है। पिछले कई हफ्तों से लगातार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार 22 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में 1.152 अरब डॉलर और कम होकर 571.56 अरब डॉलर बचा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले के हफ्ते में 7.541 अरब डॉलर कम होकर 572.712 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था।

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
एफसीए के चलते घटा विदेशी मुद्रा भंडार
बीते हफ्ते डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार चढ़ाव के बीच विदेशी मुद्रा भंडार कम हुआ है। विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट का कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) का घटना है। यह कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आरबीआई के अनुसार देश के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 1.426 अरब डॉलर कम होकर 510.136 अरब डॉलर बची हैं। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.24 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.31 ट्रिलियन डॉलर
- स्विटरलैंड 964,084 बिलियन डॉलर
- भारत 571,560 बिलियन डॉलर
- रूस 567,000 बिलियन डॉलर
गोल्ड रिजर्व में दर्ज हुई बढ़त
हालांकि बीते हफ्ते आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 14.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 38.502 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई है। सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 17.963 अरब डॉलर हो गया। आईएमएफ में रखा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.96 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है।


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