नई दिल्ली, मार्च 27। देश का विदेशी मुद्रा का भंडार लगातार दूसरे हफ्ते तेजी से घटा है। बीते 18 मार्च को खत्म हुए हफ्ते के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.59 बिलियन डॉलर कम हो गया है। यह लगातार दूसरे हफ्ता है, जब विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट दर्ज हुई है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

आरबीआई ने जारी किए हैं आंकड़े
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार 18 मार्च 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.597 बिलियन डॉलर कम होकर 619.678 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया है। इस दौरान गोल्ड रिजर्व के अलावा विदेशी मुद्रा संपत्ति के मूल्य में भी तेज गिरावट दर्ज हुई है। इससे पहले यानी 11 मार्च 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 9.646 बिलियन डॉलर कम हो गया था। इसे 2 साल की सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है।
एफसीए में भी रही गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार का एक बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां होता है। 18 मार्च को खत्म हुए हफ्ते के दौरान इसमें करीब 703 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज हुई और यह कम होकर 553.656 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड स्टर्लिंग और जापानी येन जैसी गैर अमेरिकी विदेशी मुद्रा को शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी कम हुई
इसके अलावा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी 1.831 अरब डॉलर कम होकर 42.011 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में तेज उछाल से 11 मार्च को समाप्त सप्ताह में सोने के भंडार का मूल्य 1.522 अरब डॉलर बढ़ गया था।


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