नई दिल्ली, जुलाई 17। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तगड़ी गिरावट दर्ज हुई है। यह 8 जुलाई 2022 को खत्म हुए हफ्ते में 8.062 अरब डॉलर घटकर 580.252 अरब डॉलर बचा है। इसका मुख्य कारण विदेशी मुद्रा एसेट्स का घटना है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार 1 जुलाई 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 5.008 अरब डॉलर घटकर 588.314 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
चीन 3.24 ट्रिलियन डॉलर
जापान 1.31 ट्रिलियन डॉलर
स्विटरलैंड 1.03 ट्रिलियन डॉलर
भारत 580,252 बिलियन डॉलर
रूस 572,700 बिलियन डॉलर
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है। हालांकि अगर विदेशी मुद्रा भंडार घटता है तो यह अच्छा नहीं माना जाता है।
जानिए क्यों घटा विदेशी मुद्रा भंडार
आबरीआई ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार के साप्ताहिक आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा एसेट्स (एफसीए) 6.656 अरब डॉलर घटकर 518.089 अरब डॉलर बचा है। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाली विदेशी मुद्रा एसेट्स में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व में भी भारी कमी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इसी दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य भी 1.236 अरब डॉलर घटकर 39.186 अरब डॉलर बचा है। समीक्षाधीन सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 12.2 करोड़ डॉलर घटकर 18.012 अरब डॉलर बचा है। आईएमएफ में रखा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.9 करोड़ डॉलर घटकर 4.966 अरब डॉलर बचा है।


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