Foreign exchange reserves decreased: शेयर बाजार में गिरावट का असर जहां शेयरों के रेट में गिरावट के रूप में दिख रहा है, वहीं इसका असर अब विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के रूप में भी दिख रहा है। वहीं सोने का रेट गिरने के चलते भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भारी गिरावट दर्ज हुई है।
19 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.795 अरब डॉलर की गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 19 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 2.795 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं इससे पहले, 12 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.634 अरब डॉलर बढ़ा था। अब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 616.143 बिलियन डॉलर बचा है। वहीं ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.23 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.29 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 733,629 बिलियन डॉलर
- भारत: 616,143 बिलियन डॉलर
- रूस: 586,000 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) घटी हैं। बीते 19 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफसीए में 2.653 बिलियन डॉलर की कमी हुई है। अब एफसीए 545.855 बिलियन डॉलर बचा है। विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (एफसीए) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
19 जनवरी 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के गोल्ड रिजर्व में भी कमी हुई है। इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व में करीब 34 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज हुई है। इस गिरावट के बाद गोल्ड रिजर्व 47.212 बिलियन डॉलर बचा है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में भी कमी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में 89 बिलियन डॉलर घटकर 18.221 बिलियन डॉलर बचा है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखे भंडार में 18 मिलियन डॉलर की कमी आई है। इस गिरावट के बाद यह 4.854 बिलियन डॉलर बचा है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।


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