Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे अपनी आधुनिक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के लंबी दूरी वाली ट्रेन, वंदे भारत स्लीपर सेवा का संचालन राष्ट्रीय राजधानी से करने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह सेवा दिल्ली से लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिसमें अहमदाबाद, भोपाल और पटना होते हुए वाराणसी जैसे संभावित डेस्टिनेशन शामिल हैं।

कब शुरु होगी वंदे भारत स्लीपर सेवा?
रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य ध्यान ज्यादा मांग वाले मार्गों पर ट्रेनों की उपलब्धता में सुधार लाने पर है। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि सेवा जल्द शुरु हो सकती है। उम्मीद है कि नेशनल ट्रांसपोर्ट वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर 24-डिब्बे वाली स्लीपर ट्रेनें चलाएगा, जिन्हें अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है, और सेवा की गति 160 किमी प्रति घंटा होगी। यह सेवा आने वाले हफ्तों में शुरू की जाएगी।
भारतीय रेलवे दिवाली, 2025 से ठीक पहले, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू करने के लिए तैयार है, जो रात भर की यात्रा के लिए डिजाइन की गई एक प्रीमियम ट्रेन है।
कितना होगा किराया?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुआ है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह राजधानी एक्सप्रेस के किराए के आसपास या उससे थोड़ा अधिक हो सकता है, जो राजधानी ट्रेन के AC 3-टियर के लिए लगभग 2,500 रुपये से 3,000 रुपये और AC 2-टियर के लिए 3,500 रुपये से 4,000 रुपये तक हो सकता है।
रेलवे मंत्री का बयान
बता दें कि इससे पहले, राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की योजना बनाई गई है। मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे द्वारा निर्मित की जाने वाली ट्रेनों के डिज़ाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है और जुलाई तक 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, 50 वंदे भारत स्लीपर रेक का प्रोडक्शन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई द्वारा किया जाएगा। 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण के लिए तकनीकी साझेदारों को ठेके भी दिए जा चुके हैं।
वंदे भारत की संख्या
भारतीय रेलवे वर्तमान में चेयर कार संस्करण की 150 वंदे भारत ट्रेनें चलाती है। ये स्वदेशी रूप से विकसित आधुनिक ट्रेनें तेज़ तो हैं, लेकिन दिन के समय के मार्गों तक ही सीमित हैं। स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत से रात भर की यात्राओं में यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा। 2024-25 में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल अकुपेंसी रेट 102.01% और इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 105.03% थी।
वंदे भारत के अलावा, भारतीय रेलवे अगले पांच वर्षों में लगभग 17,000 सामान्य और गैर-वातानुकूलित कोचों को बना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सामान्य श्रेणी के कोचों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।


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