Wedding Season Expenses: दुर्गा पूजा से लेकर दिवाली तक, जमकर खरीदारी देखने को मिली। इन दिनों देश में 4.25 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। अब फेस्टिव सीजन के बाद 12 नवंबर से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने अनुमान लगाया है कि इस नवंबर और दिसंबर में देश भर में 48 लाख शादियां होंगी। ऐसे में देशभर में करोड़ों रुपये का खर्चा भी होने की उम्मीद है। आइए आपको बताते हैं कि कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की रिपोर्ट में इससे जुड़ी क्या जानकारी दी गई है।

शादी में होगा इतने लाख करोड़ का कारोबार
CAIT के अनुसार, दिल्ली में, लगभग 4.5 लाख शादियों का अनुमान है, जो भारत की स्थानीय अर्थव्यवस्था में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का बढ़ावा देगी। 12 नवंबर से शादियों का सीजन शुरू होने के साथ, पूरे भारत में रिटेल कारोबारियों की आर्थिक रिजनेरेशन की तैयारी कर रहे हैं। CAIT के हालिया अध्ययन में बताया गया है कि रिटेल सेक्टर, जिसमें सामान और सर्विस दोनों शामिल हैं वह इस त्यौहारी समय के दौरान कुल 5.9 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है।
बदल गया है शॉपिंग का ट्रेंड
टीवी 9 के अनुसार, कैट प्रमुख प्रवीण खंडेलवाल की सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, खरीदारों ने इस बार अपना शॉपिंग ट्रेंड में थोड़ा बदलाव किया है। ऐसे में अब लोग मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स को विदेशी सामानों के मुकाबले ज़्यादा खरीद रहे हैं। दिवाली पर लोगों की जमकर खरीदारी से देश की इकोनॉमी को भी जबरदस्त बूस्ट मिला है और अब कारोबारियों की निगाहें शादियों के सीजन पर टिकी हैं। इस साल 2 महीने में कुल 18 दिन शादी विवाह के मुहूर्त हैं। 17 दिसंबर से लगभग एक महीने के लिए शादियां नहीं होंगी। शादियों फिर अगले साल जनवरी से शुरू होगा. जनवरी के मध्य से मार्च 2025 तक शादियां ही शादियां होंगी।
वहीं, रिपोर्ट में कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया था कि 15 जनवरी से 15 जुलाई के बीच भारत में 42 लाख से अधिक शादियां हुईं, जिनमें 5.5 लाख करोड़ रुपये (₹5.5 ट्रिलियन) का अनुमानित खर्च हुआ था।
पिछले साल हुआ इतने करोड़ का शादियों में खर्च
कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 20 प्रमुख शहरों के व्यापारियों एवं सर्विस प्रोवाइडर के बीच किए गए एक सर्वे के अनुसार अकेले दिल्ली में इस सीजन में 3.5 लाख से अधिक शादियां हुई थी, जिससे दिल्ली में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार देखा गया था। इससे पहले साल 2022 में करीब 32 लाख शादियां हुई थीं और खर्च 3.75 लाख करोड़ रुपये आंका गया था।


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