Rice : भारत की तरफ से घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़े स्तर पर चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत ने खाद्य सुरक्षा उद्देश्यों के लिए भूटान, मॉरीशस और सिंगापुर को कुछ चावल शिपमेंट की अनुमति दी है।
वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, दुनिया का टाॅप निर्यातक भूटान को 79 हजार टन गैर-बासमती सफेद चावल, मॉरीशस को 14 हजार टन चावल और सिंगापुर को 50 हजार टन चावल बेचने पर सहमत हुआ हैं।

पिछले महीने भारत की तरफ से कहा गया था कि यदि अन्य देशों की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कहा गया तो वह इस किस्म के निर्यात की अनुमति देगा।
गिनी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को पश्चिम अफ्रीकी देश को प्रतिबंधों से छूट देने के लिए मनाने के लिए अपने ट्रेड मिनीस्टर को नई दिल्ली भेजा है। इंडियन चावल के टाॅप खरीदारों में चीन, सेनेगल, बेनिन, कोटे डी आइवर और टोगो शामिल हैं।
विश्व के सबसे बड़े उत्पादक और उपभोक्ता की तरफ से चावल निर्यात पर प्रतिबंध कड़े करने के बाद ग्लोबल आपूर्ति में कमी और विश्व खाद्य कीमतों में इजाफे के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं।
विश्व भर के अरबों लोगों के लिए मुख्य आहार, अनाज की एशियाई बेंचमार्क प्राइस इस हफ्ते बढ़ कर 15 वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जो इस माह की शुरुआत में पहुंच गई थी।
भारत में अनाज की सभी किस्मों के शिपमेंट पर प्रतिबंध है। इसने उबले चावल के निर्यात पर 20 फीसदी टेक्स लगाया है, सुगंधित बासमती पर मिनिमम निर्यात मूल्य निर्धारित किया है और गैर बासमती सफेद के शिपमेंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, ग्लोबल चावल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा है।
मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार सिंगापुर के साथ खास संबंधों को देखते हुए भारत ने उसे चावल का निर्यात करने का निर्णय लिया है, ताकि सिंगापुर की खाद्य सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरी की जा सकें।


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