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20 सालों में पहली बार घटा भारत का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन

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नयी दिल्ली। भारत का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में दो दशकों में पहली बार गिरावट आई है। बढ़ती आर्थित मंदी और अब कोरोनावायरस महामारी ने एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। वित्त वर्ष 2018-19 के मुकाबले वित्त वर्ष 2019-20 में भारत का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 8 फीसदी की गिरावट के साथ 10.27 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह सरकार के 11.70 लाख करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य से भी 1.43 लाख करोड़ रुपये कम है। सरकार के टैक्स रेवेन्यू में उम्मीद के मुताबिक वृद्धि नहीं हुई। अब भारतीय अर्थव्यवस्था के एक दशक में सबसे धीमी गति से बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा सितंबर में कॉर्पोरेट टैक्स दरों में कटौती से भी इसमें कमी आई और ये जुलाई 2019 में पेश किए गए बजट में अनुमानित 13.3 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य से कम रहा। अब कोरोनावायरस से इसके और घटने की संभावना है।

पिछले दशक में भारत के टैक्स कलेक्शन के आंकड़े :
 

पिछले दशक में भारत के टैक्स कलेक्शन के आंकड़े :

- 2009-10 : 378063 करोड़ रुपये

- 2010-11 : 445995 करोड़ रुपये

- 2011-12 : 493987 करोड़ रुपये

- 2012-13 : 558989 करोड़ रुपये

- 2013-14 : 63859 करोड़ रुपये

- 2014-15 : 695792 करोड़ रुपये

- 2015-16 : 741945 करोड़ रुपये

- 2016-17 : 849713 करोड़ रुपये

- 2017-18 : 1002037 करोड़ रुपये

- 2018-19 : 1117416 करोड़ रुपये

- 2019-20 : 1027634 करोड़ रुपये

ये है सरकार की उम्मीद

ये है सरकार की उम्मीद

एक सरकारी अधिकारी के अनुसार सरकार को डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में आई कमी को विवाद से विश्वास स्कीम से पूरा करने की उम्मीद है। वैसे भी लॉकडाउन के चलते इस योजना की अवधि 31 मार्च से बढ़ा कर 30 जून कर दी गई है। वित्त वर्ष 2019-20 में कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 5.56 लाख करोड़ रुपये और पर्सनल इनकम टैक्स 4.58 लाख करोड़ रुपये रहा। हालांकि एंट्रीज में एडजस्टमेंट के बाद इस कलेक्शन में कुछ हज़ार करोड़ रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शीर्ष टैक्स ग्रोसिंग क्षेत्रों में टैक्स कलेक्श में गिरावट आई है। जबकि कानपुर और गुवाहाटी में सालाना 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई, नागपुर में 29 प्रतिशत की सबसे अधिक बढ़ोतरी देखी गई।

जीएसटी कलेक्शन भी घटा
 

जीएसटी कलेक्शन भी घटा

मार्च में देश का जीएसटी कलेक्शनङी घटा। मार्च में जीएसटी कलेक्शन मार्च में गिर कर 97,597 करोड़ रुपये रह गया। वहीं सरकार का फरवरी में जीएसटी कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ रुपये रहा था। वित्त मंत्रालय ने हाल ही जीएसटी आंकड़े जारी किए थे। मार्च में 97,597 करोड़ रुपये के कुल जीएसटी कलेक्शन में से सेंट्रल जीएसटी का कलेक्शन 19,183 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी 25,601 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी कलेक्शन 44,508 करोड़ रुपये रहा था।

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English summary

India direct tax collection decreased for the first time in 20 years

This was also mitigated by the cut in corporate tax rates in September and fell short of the direct tax collection target of Rs 13.3 lakh crore projected in the budget presented in July 2019.
Story first published: Sunday, April 5, 2020, 18:40 [IST]
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