भारत का चालाकी भरा कदम, अमेरिका में बनाएगा सस्ते तेल का जखीरा

नयी दिल्ली। कोरोनावायरस और फिर लॉकडाउन के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट आई है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट उन देशों के लिए एक अवसर है जो इसका बड़ी मात्रा में आयात करते हैं। भारत ऐसे ही देशों में से एक है। इसी को देखते हुए भारत ने एक शानदार योजना बनाई है। भारत का प्लान अमेरिका में सस्ता कच्चा तेल जमा करने का है। दरअसल भारत की अपनी तेल भंडारण फैसिलिटीज फुल हो गई हैं, जिसके मद्देनजर अब योजना अमेरिका में तेल का भंडार बनाने की है। तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक भारत का प्लान ऑस्ट्रेलिया की तरह हो सकता है जिसने पिछले महीने तेल की घटती कीमतों का फायदा उठाने के लिए यूएस स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में स्टोर करने के लिए क्रूड खरीदकर एक इमरजेंसी तेल भंडार का निर्माण करने का ऐलान किया था।

तेल की कीमतों में 40 फीसदी की गिरावट

तेल की कीमतों में 40 फीसदी की गिरावट

प्रधान के मुताबिक तेल का भंडार किसी दूसरे देश में बनाया जा सके ऐसी कुछ संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। अमेरिका में कम कीमत पर खरीद कर कुछ तेल रखा जा सकता है। 2020 में अब तक तेल की कीमतों में 40% से अधिक की गिरावट आई है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन और सहयोगियों द्वारा आपूर्ति को कम करने के प्रयासों के कारण इनमें बढ़ोतरी भी हुई है। भारतीय रिफाइनर्स ने अपने कमर्शियल टैंक और पाइपलाइनों को रिफाइंड ईंधन और तेल से पहले ही भर दिया है।

जहाजों में तेल का भंडार

जहाजों में तेल का भंडार

प्रधान ने कहा कि भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और आयातक है, ने पहले ही अपना 5.33 मिलियन टन तेल का भंडारण कर लिया है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जहाजों पर भी लगभग 8.5-9 मिलियन टन तेल रखा है। मई के पहले हफ्ते में तेल मंत्री का बयान आया था कि भारत फ्यूचर में उपयोग के लिए जहाजों में सस्ते तेल का भंडारण करके अपने कच्चे तेल के आयात बिल में 25,000 करोड़ रुपये बचाने की कोशिश कर रहा है। स्टोर किया तेल और उत्पाद भारत की वार्षिक जरूरतो का लगभग 20% हैं। वैसे भारत अपनी तेल जरूरत का 80% से अधिक आयात करता है।

नई भंडारण फैसिलिटी बनाने की योजना

नई भंडारण फैसिलिटी बनाने की योजना

अमेरिका जैसे देशों और जहाजों पर तेल भंडार रखने के अलावा भारत की योजना 6.5 मिलियन टन क्षमता का विस्तार करने के लिए नए रणनीतिक भंडारण का निर्माण करने की भी है। भारत इन सुविधाओं के निर्माण में वैश्विक निवेशकों की भागीदारी का इच्छुक है। जानकारी के लिए बता दें कि भारत की ईंधन मांग अप्रैल में लगभग आधी हो गई, जो 2007 के बाद से सबसे कम है। इसका मुख्य कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन है। कोरोनोवायरस के चलते एयरलाइनों की आवाजाही बंद है। लोगों के बीच पेट्रोल-डीजल की मांग भी घटी है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+