
India's foreign exchange reserves increased again: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे हफ्ते बढ़ा है। इस हफ्ते की सबसे बड़ी खबर है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रूस से ज्यादा हो गया है। इस प्रकार से विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत दुनिया में चौथी पोजीशन पर आ गया है। अभी तक भारत पांचवीं पोजीशन पर था।
वहीं भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू भी बढ़ी है। 12 मई को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.6 अरब डॉलर बढ़कर 599.5 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। वहीं इसके पिछले हफ्ते में यह 7.2 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 595.98 अरब डॉलर हो गया था।
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं।


रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 12 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 3.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 529.6 अरब डॉलर पर पहुंच गयी। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 3.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 46.4 अरब डॉलर हो गया।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन 3.37 ट्रिलियन डॉलर
- जापान 1.26 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड 894,000 बिलियन डॉलर
- भारत 599,529 बिलियन डॉलर
- रूस 599,500 बिलियन डॉलर
आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 3.5 करोड़ डॉलर की गिरावट आई और यह घटकर 18.4 अरब डॉलर पर आ गया। इसी तरह इस अवधि में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि 2.8 करोड़ डॉलर कम होकर 5.2 अरब डॉलर रह गया।


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