नई दिल्ली, जुलाई 12। भारतीय दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार लाइसेंस की शर्तों को और कड़ा कर दिया है। दूरसंचार विभाग ने कहा है कि टेलिकॉम ऑपरेटर केवल विश्वसनीय कंपनियों के साथ ही उपकरणों के लिए एग्रीमेंट करे। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को चेताया है कि भारतीय टेलिकॉम कंपनियां अपनी नेटवर्क सेवाओं का विस्तार करने के लिए भी केवल ट्रस्टेड सोर्स या कंपनियों के उपकरणों और सेवाओं का ही उपयोग करे।
15 जून 2021 से ही लागू है नियम
दूरसंचार विभाग ने कहा है कि 15 जून 2021 से ही नियमों में बदलाव किया गया है। टेलीकॉम लाइसेंसधारी कंपनी केवल विश्वसनीय उत्पादों को ही अपने नेटवर्क से जोड़ सकते है। नए नियम के अनुसार कंपनियों को अपने नेटवर्क और दूरसंचार में नए उपकरणों का उपयोग करके विस्तार करने के लिए नामित प्राधिकरण से अनुमति लेना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि नवीनतम संशोधन में खरीद नियमों के खामियों को दूर करने के लिए प्रावधान किए गए है। इकोनामिक टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार चीन की कंपनी हुआवेई और जेडटीई ने भारतीय दूरसंचार कंपनियों को नेटवर्क विस्तार के लिए टेलिकॉक गियर और अन्य सामान देने का एग्रीमेंट कर रही थी। सरकार का यह कदम चीनी कंपनियों के टेलिकॉम सेक्टर में बढ़ते पकड़ को कम करने के लिए है।
चीन की कंपनियां ठेका ले रही थी
अधिकारियों ने बताया की सरकार को शिकायत मिली थी कि कुछ दूरसंचार कंपनियां चीन के दो कंपनियों को टेलिकॉम प्रोडक्ट के डिलेवरी का ठेका दे रही थी। अधिकारियों के अनुसार टेलिकॉम कंपनियों का यह कदम लाइसेंस के शर्तों के तहत कवर नहीं किया गया है।
टेलिकॉम कंपनियों को मानने होंगे नियम
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार टेलिकॉम कंपनियों को लाइसेंस के सभी नियमों का पालन करना होगा। नेटवर्क एक्सपैंशन के नाम पर वे किसी भी कंपनी के साथ करार नहीं कर सकती है। कंपनियों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने की अनुमति है लेकिन हार्डवेयर के लिए केवल ट्रस्टेड सोर्स के सामानों का ही उपयोग करें। भारत का यह कदम टेलिकॉम सेक्टर में चीन की कंपनियों का विस्तार रोकने के लिए है।


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