G20 Summit : पिछले कुछ सालों में अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए जो भारतीय कूटनीतिक पहल की गई थी। उसका अब फल मिलता दिख रहा है। अफ्रीकी राष्ट्र में रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत और नाइजीरिया 1 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हो गये हैं।
जी20 शिखर सम्मेलन का आगाज करते हुए आज ही भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अफ्रीकन यूनियन को जी20 की स्थाई सदस्यता दिलवाई है, भारत जिसके लिए काफी अधिक वक्त से मुहिम चला रहा था। वही, सरकार का अफ्रीकी देशों के साथ सैन्य समझौता करने का भी लक्ष्य रहा है, जिसमें भारत को काफी बड़ी सफलता मिल चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नाइजीरिया ने भारतीय हल्के लड़ाकू विमान तेजस, बख्तरबंद कार्मिक वाहन और ड्रोन खरीदने की पेशकश कर दी है। बेहद ही जल्द नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोलार अहमद टीनुबू ने नाइजीरिया रक्षा निगम (डीआईसीओएन) और भारतीय रक्षा मंत्रालय के बीच सौदे पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दे दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डीआईसीओएन को भारतीय रक्षा मंत्रालय वर्ष 2027 तक मिलिट्री हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग में 40 फीसदी आत्मनिर्भरता हासिल करने में सहायता करेगा।
मिलिट्री अफ्रीका वेब पोर्टल के मुताबिक, नाइजीरियाई सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डीआईसीओएन संघर्ष कर रहा है, लेकिन नकदी की कमी की वजन से और अधिक वक्त से चल रहे कुप्रबंधन ने इसे किसी भी जरूरी हथियार का उत्पादन करने से रोक दिया है।
भारतीय सौदे का मकसद डीआईसीओएन को स्वयं को नवीनीकृत करने और एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम आदि सैन्य उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण करने के लिए धन और विशेषज्ञता प्रदान करना है।
भारत को इस डील से क्या होगा लाभ
इस समझौते से नाइजीरियाई सरकार को रक्षा आयात से छुटकारा पाने में सहायता मिलेगी। जबकि भारत की बात करें तो फिर भारत को उस महाद्वीप में अपना प्रभाव बनाए रखने में काफी सहायता मिलेगी, जहां चीन ने बड़े स्तर पर घुसपैठ देखी है। नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोलार अहमद टीनुबू ने अपनी चल रही भारत यात्रा के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है।
नाइजीरिया के राष्ट्रपति के प्रवक्ता अजुरी नगेलेले की तरफ से मीडिया को बताया गया है कि भारत सरकार की मदद से हम 40 फीसदी आत्म निर्भरता हासिल करने के लिए नाइजीरिया के रक्षा उद्योग निगम को बढ़ावा देने के लिए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के रक्षा सौदों पर चर्चा कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नाइजीरियाई राष्ट्रपति की चल रही भारत यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं, जहां उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय धन जुटाने के लिए नाइजीरिया-भारत राष्ट्रपति गोलमेज सम्मेलन के हिस्से के रूप में भारतीय व्यापारियों से मुलाकात की है।


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