Defence Stocks: भारत-फ्रांस के बीच हुई राफेल डील, डिफेंस शेयरों में जोरदार तेजी

Defence Stocks: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और इस बीच भारत ने फ्रांस से डिफेंस सेक्टर में बड़ी डील की है। सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच 26 राफेल-एम (Rafale-M) की खरीद के लिए 63,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक सौदे पर हस्ताक्षर किए गए है। इस हस्ताक्षर समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे। इस डील के तहत 22 सिंगल सीटर और 4 फाइटर विमान शामिल हैं, जिससे नौसेना की समुद्री क्षमताओं में बढ़ोतरी होगा।

Rafale-deal

भारत और फ्रांस के बीच अहम डील

भारतीय पक्ष की ओर से रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और फ्रांस की ओर से भारत में फ्रांसीसी राजदूत इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है। पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाले थे, लेकिन निजी कारणों से उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी। भारत और फ्रांस के बीच हुई ये डील दोनों देशों के बीच हुई अब तक की सबसे बड़ी डील मानी जा रही है। कई ऑर्डर सरकार ने कुछ महीने पहले ही दिए थे और अब भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के वजह से डिफेंस शेयर में तेजी देखने को मिल रही है।

डिफेंस शेयरों में जोरदार एक्शन

ज्यादातर डिफेंस शेयरों में 5-10 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। सोमवार को एनएसई पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स(HAL) के शेयर 5.50% उछलकर 4,430 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 4.77% चढ़कर 2,788 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया है। बीईएल में 2.59% की तेजी देखने को मिली। भारत डायनेमिक्स में 5.42% की बढ़त और पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज में 9.27% की बढ़त दर्ज की गई।

ओम्नीसाइंस कैपिटल के डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित वॉर की आशंका के बीच डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेजी आना कोई हैरानी की बात नहीं है। अगर युद्ध होता है, भले ही वह सिर्फ 2 से 4 हफ्तों तक चले, तो हथियारों, गोला-बारूद और अन्य सैन्य इक्विपमेंट की भारी मांग बढ़ सकती है। इससे डिफेंस कंपनियों को बड़े-बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

डॉ. गुप्ता ने यह भी कहा कि सेना केवल हथियारों पर ही नहीं चलती, बल्कि लॉजिस्टिक्स, भोजन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। इन सभी चीजों की आपूर्ति बनाए रखने और उन्हें समय पर उपलब्ध कराने की जरूरत होती है। इसी वजह से डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। मौजूदा हालात ने यह साफ कर दिया है कि भारत को अपनी सुरक्षा तैयारियों पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही, भविष्य में लंबे समय के लिए रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना भी नजर आ रही है।

INS विक्रांत पर होंगे तैनात

इन राफेल मरीन जेट्स को भारत की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाएगा और इन्हें भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर तैनात किया जाएगा। ये विमान मौजूदा मिग-29के फ्लीट के साथ मिलकर काम करेंगे। नए विमान तब तक काम में लाए जाएंगे, जब तक स्वदेशी विमान वाहक लड़ाकू विमान का विकास पूरा नहीं हो जाता।

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