नई दिल्ली। दुनिया सहित जब भारत की अर्थव्यवस्था दबाव में आई तो फिर किसान ही सहारा बने हैं। अप्रेल से लेकर सितंबर तक अगर किसी चीज का निर्यात बढ़ा है तो वह है कृषि उत्पादों का। यह निर्यात इतना बढ़ा है कि अन्य सामानों के निर्यात में गिरावट की कमी को पूरा कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार बीते महीने सितंबर में भारत ने पिछले साल के सितंबर के मुकाबले करीब 82 फीसदी ज्यादा कृषि उत्पादों का निर्यात किया है। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी की गई है।

सितंबर में कृषि निर्यात में 82 फीसदी की तेजी
चालू वित्त वर्ष यानी 2020-21 की पहली छमाही में कृषि निर्यात में कुल मिलाकर 43.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस वृद्धि के साथ यह आंकड़ा 53,626.6 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं यह निर्यात पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 37,397.3 करोड़ रुपये का ही था। इसके अलावा अगर केवल सितंबर 2020 की बात की जाए तो यह कृषि निर्यात सितंबर 2019 के 5,114 करोड़ रुपये के मुकाबले 81.7 प्रतिशत बढ़कर 9,296 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है।
जानिए मंत्रालय ने क्या कहा
कृषि मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का असर दिखने लगा है। सभी दिक्कतों के बावजूद अप्रैल-सितंबर 2020 की अवधि में आवश्यक कृषि वस्तुओं के निर्यात में 43.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह निर्यात 53,626.6 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है।
गेहूं निर्यात में रिकॉर्ड 200 फीसदी की तेजी
इस दौरान रिफाइन्ड शुगर में 104 प्रतिशत, गेहूं में 206 प्रतिशत, बासमती चावल में 13 प्रतिशत और गैर बासमती चावल में 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं इसके अलावा, अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान देश का व्यापार का संतुलन पक्ष में रहा है। भारत का इस दौरान ट्रेड सरप्लस 9,002 करोड़ रुपये का रहा। वहीं पिछले साल की समान अवधि में भारत को 2,133 करोड़ रुपये का व्यापार घाटा हुआ था। सरकार ने कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिये कृषि निर्यात नीति 2018 की घोषणा की थी। इसके तहत कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिये कई प्रावधान हुए हैं।


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