नयी दिल्ली। एवाई (आकलन वर्ष) 2019-20 के लिए आईटीआर यानी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। समय पर अपना आईटीआर दाखिल नहीं करने पर आपको जुर्माना देना पड़ सकता है। हालांकि आईटीआर में देरी के जुर्माने के कई अन्य और नुकसान भी हैं। इसलिए यदि आप नियत तिथि (Due Date) तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं कर पाए हैं तब भी आप आईटीआर दाखिल करने की नई डेडलाइन तक इसे दाखिल कर सकते हैं। लेकिन धारा 234 एफ के तहत आपको जुर्माना देना होगा।
कितना देना होगा जुर्माना
यदि आपकी कुल आय 5 लाख से अधिक नहीं है, तो आईटीआर दाखिल करने में देरी के लिए विलंब शुल्क 1,000 रु होगा। अगर आपकी कुल आय 5 लाख से अधिक है, तो आपको आईटीआर दाखिल करते समय 10,000 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा। सरकार ने आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। न कि आकलन वर्ष 2019-2020 के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख। ये बात आपको ध्यान रखनी चाहिए।
इन तिथियों का रखें ध्यान
आपको 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा अगर टैक्स रिटर्न समय सीमा के बाद लेकिन संबंधित आकलन वर्ष के 31 दिसंबर को या उससे पहले दाखिल किया जाए। ये भी ध्यान रखिए कि ये वित्त वर्ष 2019-20 के लिए प्रासंगिक नहीं है, क्योंकि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2020 है। इसी तरह यदि टैक्स रिटर्न 31 दिसंबर के बाद लेकिन प्रासंगिक एसेसमेंट ईयर (आकलन वर्ष) की समाप्ति से पहले, यानी 31 मार्च से पहले दाखिल किया जाता है तो 10 हजार रु की पेनल्टी लगेगी।
किसके पास है जुर्माने से बचने का मौका
सरकार ने आकलन वर्ष 2020-20 के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख को 31 जुलाई, 2020 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2020 कर दिया है। इसलिए आपको वास्तविक तिथि 31 जुलाई 2020 के बजाय बढ़ाई गई देय तिथि यानी 31 दिसंबर 2020 तक आकलन वर्ष 2020-2021 के लिए अपना आईटीआर दाखिल करने पर भी कोई जुर्माना नहीं देना होगा।
आकलन वर्ष और वित्तीय वर्ष में अंतर
वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच की अवधि है, जिस साल में आप इनकम कमाते हैं। आकलन वर्ष (एवाई) वह वर्ष है जो वित्त वर्ष के बाद आता है। यह वह समय है जिसमें वित्त वर्ष के दौरान कमाई गई इनकम का आकलन और टैक्स लगाया जाता है। ये दोनों ही साल 1 अप्रैल से शुरू होते हैं और 31 मार्च को समाप्त होते हैं। उदाहरण के लिए वित्त वर्ष 2019-20 और आकलन वर्ष 2020-21 एक और समान हैं।
क्यों बढ़ाई गई अंतिम तिथि
आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख को कोविड-19 लॉकडाउन के मद्देनजर इस साल में पहले ही कई बार बढ़ाया जा चुका है। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता होती है, रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2020 से 31 जनवरी 2021 तक बढ़ा दी गई है।
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