नई दिल्ली, अप्रैल 20। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) करदाताओं की अलग-अलग कैटेगरी के लिए आईटीआर फाइलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म को अधिसूचित करता है। इसीलिए सीबीडीटी ने हाल ही में वित्त वर्ष 2020-21 (अप्रैल 2020 से मार्च 2021) या मूल्यांकन वर्ष (एवाई) 2021-22 के लिए व्यक्तिगत, कॉर्पोरेट और अन्य करदाताओं के लिए आईटीआर फॉर्म (आईटीआर 1 से आईटीआर 7 फॉर्म) अधिसूचित कर दिया है। नॉन-बिजनेस इनकम वाले सैलेरीड करदाताओं को आमतौर पर फॉर्म आईटीआर 1 / आईटीआर 2 के जरिए अपना रिटर्न दाखिल करना होता है। हालांकि इस साल रिटर्न दाखिल करने के लिए पात्रता मानदंड में कुछ बदलाव किए गए हैं।

आईटीआर-1 (सहज)
यह सबसे आसान फॉर्म होता है। इस फॉर्म को वे छोटे और मध्य करदाता भर सकते हैं, जिनकी इनकम 50 लाख रुपये तक हो। मगर उनकी वेतन/पेंशन, घर या ब्याज जैसे स्रोत से होनी चाहिए। साथ ही कृषि आय 5000 रु तक होनी चाहिए।
आईटीआर-2
जिन व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) करदाताओं की इनकम किसी कारोबार या प्रोफेशन से नहीं है, मगर साथ ही वह सहज फॉर्म नहीं भर सकते, वे आईटीआर-2 फॉर्म भरें।
आईटीआर-3
जिन व्यक्तिगत और एचयूएफ करदाताओं की कमाई किसी कारोबार या प्रोफेशन से हो, तो वो आईटीआर-3 फॉर्म भर सकते हैं।
आईटीआर-4 (सुगम)
अगर किसी एचयूएफफ या कंपनी की कारोबारी या प्रोफेशन से सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है तो उन्हें आईटीआर-4 (सुगम) फॉर्म भरना होगा।
जानिए बाकी फॉर्म
एचयूएफ के अलावा, पार्टनरशिप फर्म और एलएलपी आईटीआर-5 फॉर्म भर सकती हैं। इसके अलावा कंपनियों को आईटीआर-6 भरना होता है। आखिर में आयकर अधिनियम के तहत छूट का दावा करने वाले ट्रस्ट, राजनीतिक पार्टियां और चैरिटेबल ट्रस्ट आईटीआर-7 फॉर्म भर सकते हैं। सुविधा की बात यह है कि आईटीआर फॉर्म को दाखिल करने के प्रोसेस में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह पिछले साल के जैसा ही है। अगर आप इनमें से कोई फॉर्म डानलोड करना चाहते हैं तो दिए गए लिंक (http://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/226336.pdf) से कर सकते हैं।


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