नई दिल्ली, अगस्त 8। निवेश एक ऐसी चीज है। जो केवल ना युवाओं को करना चाहिए। बल्कि वरिष्ठ नागरिक भी अपना पैसा निवेश कर सकते है। जिसमे बिना रिस्क के बेहतर रिटर्न मिलता है साथ ही टैक्स में बेनिफिट भी मिलता है। आप अपनी व्यक्तिगत उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अपनी टैक्स बचत शुरू कर सकते है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक और प्लस पॉइंट ये है कि उन्हें कभी-कभी सामान्य लोगों की तुलना में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
टैक्स फ्री बांड्स
ये वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का एक बेहतर विकल्प हो सकता है। जो महंगाई को मात दे सकता है और एक नियमित आय प्रदान करता है। सरकार द्वारा समर्थित, टैक्स फ्री बॉन्ड पर ब्याज टैक्स फ्री होता है। जिससे यह व्यक्तियों के लिए जोखिम मुक्त इन्वेस्ट करता है।
5 साल के लिए टैक्स फ्री फिक्स डिपोजिट
ये टैक्स सेविंग फिक्स डिपोजिट एक प्रकार का इन्वेस्टमेंट होता है। जो 5 वर्ष की फिक्स डिपोजिट अवधि से आता है। इस स्कीम में पैसे निकालने की अनुमति नहीं होती है। जब तक फिक्स डिपोजिट का समय खत्म नहीं हो जाता। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के अनुसार, टैक्स बचत सावधि जमा पर कर की कटौती सालाना 1.5 लाख रुपए तक उपलब्ध होती है। टैक्स की बचत एफडी, डीआईसीजीसी द्वारा जोखिम-मुक्त रिटर्न टैक्स में कटौती और जमा सुरक्षा सहित ट्रिपल लाभ प्रदान करते है।
सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस)
यह इन्वेस्टमेंट का विकल्प टैक्स बचत एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न के साथ आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स में बेनिफिट प्रदान करता है। 60 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति अधिकतम 15 लाख रुपए की जमा राशि के साथ और 1000 हजार रुपए को न्यूनतम राशि से अपने पास के पोस्ट ऑफिस से जाकर खाता खुलवाया जा सकता है। वर्तमान में यह 7.4 प्रतिशत का ब्याज मिलता है।
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस)
एनपीएस एक स्वैच्छिक रिटायरमेंट बचत योजना है। जो ग्राहकों को पेंशन के रूप में ग्राहकों को अपने भविष्य को सुरक्षित करने का सुविधा देता है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा शासित, यह निवेश योजना ग्राहकों को इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट दोनों के लिए एक्सपोजर देती है। यह पर निवेशक को परिपक्वता पर आयकर छूट और पूरी पेंशन निकासी राशि दी जाती है यह पर ग्राहकों को धारा 80 सीसीडी1 और 80सीसीडी (1बी) के तहत कर बचत लाभ प्रदान करता है। ग्राहक एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 6 हजार रुपये का योगदान कर सकते हैं। इसका भुगतान एक साथ या न्यूनतम 500 रुपये की मासिक किस्तों के रूप में किया जा सकता है। एनपीएस की वर्तमान ब्याज दर सीमा 8-10 प्रतिशत है।
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