नयी दिल्ली। ज्यादा सैलेरी कौन नहीं चाहता। मगर ज्यादा सैलेरी पाने के लिए कई तरह के प्लान और योग्यता भी होनी चाहिए। साथ ही एक चीज और है, वो ये कि आप अपनी योग्यता के मुताबिक सही जगह हों। ताकि आपको अपने टैलेंट के मुताबिक सही वेतन मिल सके। तो हम आपको बतातें हैं कि भारत के किस शहर में सबसे अधिक वेतन मिलता है। रैंडस्टैड इनसाइट्स सैलरी ट्रेंड्स रिपोर्ट 2019 के मुताबिक देश के सबसे अधिक वेतन दिये जाने वाले शहरों की सूची में बेंगलुरु पहले पायदान पर है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2017 और 2018 की रिपोर्ट में भी इस मामले में बेंगलुरु ही पहले नंबर पर रहा था। आम तौर पर आईटी सेक्टर में बाकी जगहों के मुकाबले अधिक सैलेरी मिलती है और बेंगलुरु को देश का आईटी हब और दक्षिण एशिया का सिलिकॉन वैली कहा जाता है। सिलिकॉन वैली अमेरिका का आईटी हब है, जहाँ कई बड़ी तकनीकी दिग्गज कंपनियों के हेडक्वार्टर हैं।

कितनी मिलती है बेंगलुरु में सैलेरी
बेंगलुरु में जूनियर लेवल पर सर्वाधिक औसत वार्षिक सीटीसी 5.27 लाख रुपये है, जबकि मिड लेवल पर 16.45 लाख रुपये और सीनियर लेवल पर 35.45 रुपये का वार्षिक मिलता है। इस सूची में दूसरे नंबर पर है हैदराबाद है, जहाँ जूनियर स्तर पर 5 लाख रुपये वार्षिक वेतन मिलता है। इसके बाद नंबर है सपनों के शहर मुंबई का, जहाँ जूनियर लेवल पर 4.59 लाख रुपये, मिड लेवल पर 15.07 लाख रुपये और सीनियर स्तर पर 33.95 लाख रुपये का वेतन मिलता है। इस लिस्ट में शामिल एनसीआर में मिड लेवल पर 14.5 लाख रुपये और पुणे में सीनियर लेवल पर 32.68 लाख रुपये का वेतन मिलता है।
आईटी सेक्टर है प्रमुख
रैंडस्टैड की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आईटी उद्योग के प्रोफेश्नल्स को सबसे अधिक वेतन मिलता है। इस सेक्टर में जूनियर लेवल पर 4.96 लाख रुपये और सीनियर लेवल पर 35.84 लाख रुपये की सैलेरी मिलती है। जीएसटी अनुपालन विशेषज्ञों, एकाउंटेंट, प्रबंधन सलाहकार और वकीलों की बढ़ती मांग के चलते प्रोफेश्नल सर्विसेज सेक्टर जूनियर और सीनियर स्तरों पर दूसरा सबसे अधिक भुगतान किया जाने वाला क्षेत्र है। इसमें मिड लेवल पर 15.3 लाख रुपये की वार्षिक औसत सैलेरी मिल जाती है।


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