इस्लामाबाद। पाकिस्तान में कोरोना वायरस संकट जैसा ही संकट आटा और चीनी का चल रहा है। इस बीच एक सरकारी रिपोर्ट लीक होने से इस मामले का खुलासा हो गया है। दरअसल पाकिस्तान में आटा और चीनी चोरी में इमरान के मंत्रियों का ही नाम सामने आया है। इसके बाद बने माहौल में इमरान को मजबूर कुछ कदम उठाने पड़े हैं, हालांकि फिलहाल सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई या नहीं, इसके लेकर कुछ नहीं कहा गया है। लीक हुई रिपोर्ट के अनुसार इस घोटाले में खुद सत्तारूढ़ पार्टियों के नेता शामिल रहे हैं। पीएम इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कद्दावर नेता जहांगरी तारीन और सहयोगी पार्टियों के नेता खाद्य सुरक्षा मंत्री खुसरो बख्तियार और पीएमएल-क्यू के मोनिस इलाही व उनके रिश्तेदार घोटाले में शामिल बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट लीक होने के बाद इमरान सरकार की सरकार असहज
यह रिपोर्ट लीक कोने के बाद पीएम इमरान खान की सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि उन्होंने घोटाले में शामिल लोगों के लिए कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करते वक्त इस बात से बिल्कुल न डरे कि संबंधित व्यक्ति का दर्जा क्या है और वे किस पार्टी से जुड़े हुए हैं। इस रिपोर्ट को एफआईए यानी फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के डायरेक्टर जनरल वाजिद जिया की अध्यक्षता में एक कमेटी ने तैयार किया था।
चीनी और आटे पर अलग-अलग तैयार की गई हैं रिपोर्ट
एफआईए ने दो रिपोर्ट तैयार की थीं। जहां पहली रिपोर्ट देश में चीनी के संकट, उसकी कीमतों और बड़े चीनी उत्पादकों को मिली सब्सिडी से संबंधित है, वहीं दूसरी रिपोर्ट में गेहूं संकट के पीछे मौजूद लोगों को एक्सपोज किया गया है। इस रिपोर्ट के जनता के सामने आते ही इमरान सरकार को कई सवालों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच यह बात भी सामने आई है कि जांच आयोग के सदस्यों को धमकी मिली रही हैं।
इन दो कंपनियों ने की जमकर लूट-खसौट
इस जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दो ग्रुप को संकट के दौरान सबसे अधिक फायदा मिला है। एक ग्रुप का नाम जेडब्ल्यूडी है, जो कि पीटीआई के तारीन से जुड़ा हुआ है। इस ग्रुप के पास छह शुगर मिल हैं। दूसरे ग्रुप की पहचान आरवाईके के रूप में हुई है, और उसके पास 4 शुगर मिल हैं। इसके मालिक मखदूम उमर शहरयार हैं, जो पीएमएल-एन के नेता चौधरी और पीएमएल-क्यू मोनिस इलाही हैं।
इमरान ने किया मजबूरी में मंत्रिमंडल में फेरबदल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल किया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में चीनी संकट की वजह से यह फेरबदल किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से सोमवार रात जारी बयान के अनुसार, मुहम्मद हम्माद अजहर को उद्योग मंत्री बनाया गया है। इससे पहले वह आर्थिक मामलों का मंत्रालय का कामकाज देख रहे थे। अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय देख रहे मखदूम खुसरो बख्तियार को आर्थिक मामलों का विभाग सौंपा गया है। सैयद फखर इमाम को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। उनकी जगह सैयद अमीन उल हक को नया मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने बाबर अवान को संसदीय मामलों पर प्रधानमंत्री का नया सलाहकार नियुक्त किया है। बयान में इस फेरबदल के कारणों का जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में चीनी संकट की वजह से यह फेरबदल किया है। इसकी वजह से चीनी के दाम काफी बढ़ गए हैं और देश आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई है। मंत्रिमंडल में यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब देश कोरोनावायरस से मुकाबले के लिए देशव्यापी अभियान चला रहा है। पाकिस्तान में कोविड-19 के अब तक 3,861 मामले आ चुके हैं और 54 लोगों की मौत हो चुकी है।


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