नयी दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 12 करोड़ धूम्रपान करने वाले हैं, जो दुनिया की कुल धूम्रपान आबादी का 12 प्रतिशत है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हर साल, तम्बाकू के सेवन के कारण भारत में दस लाख से अधिक लोग मर जाते हैं। धूम्रपान करने वाली कुल आबादी में से 70 प्रतिशत वयस्क पुरुष धूम्रपान करते हैं जबकि वयस्क महिला धूम्रपान करने वालों की संख्या 13-15 प्रतिशत है। पर क्या आप जानते हैं कि धूम्रपान न केवल आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आपकी जीवन बीमा पॉलिसी के प्रीमियम को भी काफी प्रभावित करता है। यहां हम आपको बताएंगे धूम्रपान और आपके बीमा प्रीमियम का कनेक्शन।
क्या होता है बीमा पॉलिसी पर असर
बीमा कंपनियों के नियमों के मुताबिक ग्राहक के जीवन कवर का पॉलिसी प्रीमियम जॉब प्रोफाइल से ज्यादा धूम्रपान की आदत से अधिक प्रभावित होता है। कम जोखिम वाले जॉब प्रोफाइल वाले लोगों (सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बैंकर और मार्केटिंग कंसल्टेंट) के लिए जीवन बीमा प्रीमियम उच्च जोखिम वाले जॉब प्रोफाइल वाले पेशेवरों के मुकाबले कम होता है। अधिक जोखिम वाले प्रोफेश्नल में निर्माण मजदूर और जेल अधिकारी शामिल हैं। नौकरी में जोखिम के साथ ही बीमा कंपनियां धूम्रपान करने और न करने वाले लोगों की 2 कैटेगरियां बनाती हैं।
धूम्रपान वालों का प्रीमियम होगा अधिक
नियमों और जोखिम-प्रोफाइल को ध्यान में रखते हुए यदि आपकी जॉब कम जोखिम वाली है मगर आप धूम्रपान करते हैं तो भी आपका बीमा प्रीमियम उच्च-जोखिम वाले काम में धूम्रपान न करने वाले की तुलना में अधिक होगा। जो लोग धूम्रपान करते हैं, वे धूम्रपान न करने वालों की तुलना में अपनी जीवन बीमा पॉलिसियों के लिए औसतन 50 प्रतिशत अधिक प्रीमियम चुकाते हैं। औसतन धूम्रपान करने वाले का मासिक जीवन बीमा प्रीमियम धूम्रपान न करने वाले की तुलना में लगभग 650 रु से 850 रु अधिक होता है।
धूम्रपान करने वालों के लिए कम प्रीमियम
धूम्रपान कोई अच्छी आदत नहीं है। मगर यह लोगों के जीवन का हिस्सा बन जाता है। ऐसे में अपनों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिए सबसे सुविधाजनक और बेहतर तरीकों में से एक है टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी। कई बार देखा जाता है कि धूम्रपान करने वाले लोग जीवन बीमा लेने से बचते हैं, क्योंकि वे अपनी इस आदत के चलते हाई प्रीमियम नहीं देना चाहते। मगर धूम्रपान करने वालों को जीवन बीमा प्रीमियम देने के लिए कई प्रमुख जीवन बीमा कंपनियां सस्ती कीमत पर पर्याप्त बीमा राशि के साथ योजना की पेशकश करती हैं। आप कंपनियों और प्रीमियम की तुलना करके आराम से पॉलिसी ले सकते हैं।
कैसे तय होता है प्रीमियम
धूम्रपान करने वालों के जीवन बीमा प्रीमियम की कैल्कुशन के लिए बीमा कंपनियां पिछले एक महीने में आपके तंबाकू के उपयोग की आदत के बारे में पूछताछ करती हैं। इसमें सिगार, सिगरेट या चबाने वाले तंबाकू सहित किसी भी तंबाकू आधारित उत्पादों का उपयोग शामिल होता है। आपकी की तरफ से दी गई जानकारी के आधार पर बीमा कंपनी यह फैसला लेती है कि पॉलिसी लेने वाला नियमित या कभी-कभार धूम्रपान करने वाला है। इसी आधार पर आपका प्रीमियम तय होता है।


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