रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर सात साल के उच्चस्तर स्तर पर पहुंच गयी। हालांकि भारत के लिए आपूर्ति व्यवस्था पर अभी कोई असर नहीं हुआ है।
नई दिल्ली, मार्च 2। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर सात साल के उच्चस्तर स्तर पर पहुंच गयी। हालांकि भारत के लिए आपूर्ति व्यवस्था पर अभी कोई असर नहीं हुआ है। वहीं रूस और यूक्रेन जंग से दबाव में ग्लोबल मार्केट नजर आ रहा है। एशिया की कमजोर शुरुआत हुई है। रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई तेज होने के साथ ही कच्चे तेल की कीमत में उछाल जारी है।

110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा कच्चा तेल
बात करें आज यानी कि बुधवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड पांच फीसदी की तेजी के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया जो इसका सात साल का उच्चतम स्तर है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई भी 4.88 फीसदी तेजी के साथ 108.64 डॉलर पर पहुंच गया। यूक्रेन और रूस की लड़ाई अब तेल क्षेत्रों में भी फैल गई है जिससे सप्लाई के प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है।
रूस का शेयर बाजार 1 हफ्ते के लिए बंद
वहीं दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन के बीच सातवें दिन जंग जारी है । रूस ने की हमले तेज करने की तैयारी की है। नागरिकों कीव छोड़ने को कहा है। उधर यूक्रेन से भारतीय को निकालने के लिए अभियान तेज हुआ है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन गंगा की कमान संभाली है। रूस से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका है। रूस में संपत्ति बेचने पर रोक लगी है। रूस में विदेशियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। इतना ही नहीं पेमेंट और सप्लाई की समस्या बढ़ी है। कच्चा तेल ट्रेडर्स रूस से नहीं खरीद पा रहे हैं। रूसी सेंट्रल बैंक का फैसला लिया है। 1 हफ्ते के लिए रूस का शेयर बाजार बंद है।
भारत में फिलहाल नहीं हुआ कोई बदलाव
दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमत रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बात करें भारत की तो दिवाली से इसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हालांकि आने वाले दिनों में तेजी संभावना है। माना जा रहा है पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के बात पेट्रोल-डीजल की कीमत में भारी इजाफा हो सकता है। दिल्ली में अभी पेट्रोल की कीमत 95.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 86.67 रुपये लीटर है। लेकिन अगले कुछ दिनों में इसमें 12 से 15 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है। देश में पेट्रोल एवं डीजल की खुदरा बिक्री दरें 82-83 डॉलर प्रति बैरल के कच्चे तेल भाव के अनुरूप हैं। इससे तेल कंपनियों की रोजाना भारी नुकसान हो रहा है। कच्चे तेल की कीमत में एक डॉलर की बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में 50 पैसे की बढ़ोतरी होती है। इस हिसाब से देखें तो कच्चे तेल की कीमत में इस दौरान करीब 27 डॉलर का इजाफा हो चुका है। यानी पेट्रोल और डीजल की कीमत में करीब 15 रुपये का इजाफा हो सकता है।
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